'बूंग' के लिए बेहद खुश हैं लक्ष्मीप्रिया देवी
लक्ष्मीप्रिया देवी ने कहा कि 'बूंग' मणिपुरी भाषा में एक छोटे लड़के का नाम है। कहानी एक ऐसे लड़के की है जो अपनी मां के लिए सबसे खास तोहफा लाना चाहता है। वह सोचता है कि अपने लापता पिता को ढूंढकर घर लाना ही मां के लिए सबसे अच्छा गिफ्ट होगा। लड़का इस उम्मीद में सफर पर निकलता है, और इस दौरान उसकी जिंदगी में कई बदलाव आते हैं। यह एक भावुक और दिल छू लेने वाली कहानी है।
'बूंग' को लेकर क्या बोले फरहान अख्तर
फरहान अख्तर ने कहा, 'यह कमाल की बात है कि हम इसका हिस्सा हैं।' उन्होंने बताया कि वे लक्ष्मीप्रिया देवी को करीब 20 साल से जानते हैं। यह फिल्म मणिपुर जैसे इलाके में बनी है, जहां से बहुत कम फिल्में आती हैं। कहानी इतनी प्यारी और दिल को छूने वाली है कि उन्हें इसे सपोर्ट करना अच्छा लगा।
फिल्म 'बूंग'
'बूंग' फिल्म BAFTA में अकेली भारतीय नामांकित फिल्म थी। इसने 'जूटोपिया 2', 'लिलो एंड स्टिच' और 'आर्को' जैसी बड़ी-बड़ी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों को हराकर यह अवॉर्ड जीता है। अवॉर्ड सेरेमनी लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में हुई, जहां फरहान अख्तर, लक्ष्मीप्रिया देवी, रितेश सिधवानी और बाकी टीम के सदस्य मौजूद थे। फिल्म का पहला प्रीमियर 2024 में टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में हुआ था। बाद में इसे कई बड़े फेस्टिवल में दिखाया गया, जैसे वारसॉ, MAMI मुंबई, IFFI और मेलबर्न इंडियन फिल्म फेस्टिवल।
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