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अमर उजाला लघु फिल्म प्रतियोगिता: फिल्में बनें या ना बनें हिंदी में ही फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखते हैं डॉ. चंद्र प्रकाश द्विवेदी

Sun, 03 Apr 2022 10:01 PM IST
हर्षिता सक्सेना एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

डालीबाग स्थित गन्ना संस्थान के सभागार में रविवार को अमर उजाला लघु फिल्म प्रतियोगिता सम्मान समारोह का समापन हुआ। इस अभियान के तहत आयोजित प्रतियोगिता में एक हजार से ज्यादा प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं।
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डॉ. चंद्र प्रकाश द्विवेदी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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डालीबाग स्थित गन्ना संस्थान के सभागार में रविवार को अमर उजाला लघु फिल्म प्रतियोगिता सम्मान समारोह का समापन हुआ। इस अभियान के तहत आयोजित प्रतियोगिता में एक हजार से ज्यादा प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं। कार्यक्रम के दौरान बतौर मुख्य अतिथि फिल्म निर्देशक डॉ. चंद्र प्रकाश द्विवेदी और विशेष अतिथि के रूप में उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मौजूद रहे। सम्मान समारोह में हिंदी के जरिए युवाओं का भविष्य कैसे संवार सकते हैं, इस पर विस्तार से चर्चा की गई। 

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इस दौरान हिंदी की महत्वता पर आपने विचार रखते हुए फिल्म निर्देशक डॉ. चंद्र प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि हमेशा हिंदी में ही अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखते हैं, भले ही कोई उन्हें पढ़े या नहीं। डॉ.  द्विवेदी ने कहा कि “मैं फिल्मों की स्क्रिप्ट हिंदी में ही लिखता हूं। उस वजह से 99 फीसदी एजेंसियां या अभिनेता उसे पढ़ते ही नहीं हैं। मैंने एक बार तय किया कि अंग्रेजी में लिखता हूं। जब लिखा तो लगा कि हिंदी में जो मेरी विशिष्टता थी, जो भावों की अभिव्यक्ति थी, वह अंग्रेजी में नष्ट हो गई।”

फिल्म निर्देशक ने आगे कहा कि “मैंने वापस हिंदी में उसे लिखा। उस दिन मैंने तय कर लिया कि फिल्में बनें या ना बनें, इस जीवन में मेरे लेखन की भाषा हिंदी ही रहेगी। अब मजेदार बात यह है कि मैं हिंदी में लिखता हूं, उसके बाद मेरे सहायक इसे रोमन में लिखते हैं ताकि दूसरे उसे पढ़ सकें। यह उस संसार की स्थिति है, जो सबसे ज्यादा टीवी पर देखा जाता है।” 

राजस्थान के सिरोही जिले जन्में डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद इसी को अपने पेशा बनाया। हालांकि, उनका मन कभी भी इस पेशे में नहीं लगा। दरअसल, भारतीय साहित्य में अपनी के चलते उन्होंने डॉक्टरी का पेशा छोड़  थिएटर में अपना करियर बनाने का फैसला किया। इसके बाद डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने 1990 में चाणक्य की पटकथा लिखने की शुरुआत की, जिसका काम 1992 तक चला। उनके इस नाटक से उन्हें एक अलग पहचान मिली।
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नाटक के अलावा उन्होंने कई फिल्मों का भी निर्देशन किया। डॉ. द्विवेदी की साल 2003 में अमृता प्रीतम के उपन्यास पर आधारित फिल्म पिंजर रिलीज हुई। इसके अलावा चंद्रप्रकाश द्विवेदी जेड प्लस, मोहल्ला अस्सी जैसी फिल्में भी बना चुके हैं। मौजूदा समय में वह अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर स्टारर फिल्म पृथ्वीराज पर काम कर रहे हैं, जिसका निर्माण यशराज फिल्म्स के बैनर तले हो रहा है।
 
 
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