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Diya Mirza:'कुछ पहलुओं पर सवाल उठाना है जरूरी...', फिल्म रहना है तेरे दिल में को लेकर दिया मिर्जा का बड़ा बयान

Fri, 07 Apr 2023 01:37 PM IST
दीक्षा पाठक एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

दीया ने अपनी पहली फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ पर अपनी राय रखी है। एक्ट्रेस ने कबूल किया कि फिल्म में कुछ चीजों को गलत तरीके से दिखाया गया है।
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दिया मिर्जा - फोटो : social media
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विस्तार
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बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा अक्सर किसी न किसी वजह से सुर्खियों में आ जाती हैं। अभिनेत्री दीया अपनी खूबसूरती ही नहीं बल्कि अपने बेबाक बयानों को लेकर भी अक्सर चर्चा में आ जाती हैं। दीया किसी भी विषय पर अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटती हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। दीया ने अपनी पहली फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ पर अपनी राय रखी है। एक्ट्रेस ने कबूल किया कि फिल्म में कुछ चीजों को गलत तरीके से दिखाया गया है।

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सोशल मीडिया पर फिल्म की हुई ट्रोलिंग
इस फिल्म में मैडी के किरदार को दिखाया गया है, जो रीना नाम की लड़की को लुभाने के लिए किसी और के होने का नाटक करता है, जो सैम से शादी करने का फैसला करती है। यह फिल्म अक्सर सोशल मीडिया पर निशाने पर आती रहती है क्योंकि कई यूजर्स का मानना है कि मैडी प्यार के नाम पर रीना का गलत तरीके से फायदा उठाता है। फिल्म में मैडी प्यार के गलत उदाहरण को पेश करता है।

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दीया ने स्टॉकिंग को बताया गलत
अब दीया ने अपने हालिया इंटरव्यू में इसपर रिएक्शन दिया है और कहा है, अगर आज वह फिल्म मुझे ऑफर की गई है होती तो मैं  फिल्म के कुछ पहलुओं पर जरूर सवाल उठाऊंगी और उम्मीद करती  कि लेखक इसे बदल देंगे। मैंने फिल्म को दोबारा देखा और पाया कि फिल्म में प्यार जैसे रिलेशन को अच्छे तरीके से नहीं दिखाया गया है। मैं स्टॉक करने के सख्त खिलाफ हूं और फिल्म में मैडी का चरित्र न केवल रीना का पीछा करता है, बल्कि वह उससे झूठ भी बोलता है। जब उसे सच्चाई का पता चलता है तो वह उसके साथ रिश्ता तोड़ देती है।
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फिल्में सही चीज के रूप में झूठ की भावना को फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं
दीया ने आगे कहा, ‘इस दुनिया में पीछा करने का कोई मतलब नहीं है, झूठ बोलना बुरी बात है और पीछा करना और भी बुरा है। मुझे पता है कि हाल के दिनों में कुछ ऐसी फिल्में बनी हैं, जिनमें समान दृश्य थे, जिन्होंने बॉक्स-ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया है। मुझे लगता है कि एक समाज के तौर पर हम स्टॉकिंग को बुरी चीज नहीं मानते हैं। मुझे लगता है कि हमारी फिल्में सही चीज के रूप में झूठ की भावना को फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं।’

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