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Dhurandhar: रहमान डकैत के दोस्त हबीब ने 'धुरंधर' पर दिया बड़ा बयान, वायरल वीडियो पर पाकिस्तान में छिड़ी बहस

Sat, 27 Dec 2025 09:19 PM IST
हिमांशु सोनी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Rahman Dakait Friend Habib Jan Baloch Statement: फिल्म 'धुरंधर' के रिलीज होने के बाद जहां भारत में बॉक्स ऑफिस पर फिल्म धमाल मचा रही है, वहीं पाकिस्तान में फिल्म को लेकर बहस छिड़ी हुई है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं। 
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रहमान डकैत का दोस्त - फोटो : इंस्टाग्राम- @just.indian.things
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विस्तार
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बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ की रिलीज के बाद सिर्फ सिनेमा ही नहीं, बल्कि सरहद के उस पार भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस फिल्म में कराची के कुख्यात लियारी गैंगस्टर रहमान डकैत के किरदार को जिस अंदाज में दिखाया गया है, उसने पाकिस्तान में पुरानी बहस को फिर से जिंदा कर दिया है। इसी कड़ी में रहमान डकैत के करीबी दोस्त बताए जाने वाले हबीब जान बलोच का बयान सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर कराची की गलियों तक हलचल मचा दी है। हालांकि अमर उजाला इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता।
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'धुरंधर' ने रखी रहमान डकैत की सच्चाई
हबीब जान बलोच ने फिल्म को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘धुरंधर’ ने रहमान डकैत की जिंदगी की सच्चाई को सामने रखा है, वो सच्चाई जो उनके मुताबिक पाकिस्तान कभी दिखा ही नहीं सका। बलोच ने व्यंग्यात्मक लहजे में भारतीय सिनेमा को धन्यवाद देते हुए कहा कि कम से कम इस फिल्म में डकैत को एक अपराधी के रूप में पेश किया गया, न कि किसी नायक या रहस्यमयी शख्सियत की तरह।
 


'अपराधों पर पर्दा डाल दिया जाता है'
उनका कहना है कि पाकिस्तान में रहमान डकैत की छवि को अक्सर या तो महिमामंडित किया गया या फिर चुप्पी साधकर उसके अपराधों पर पर्दा डाल दिया गया। बलोच के मुताबिक, स्थानीय नैरेटिव में डकैत को एक ‘रॉबिन हुड’ जैसी छवि देने की कोशिश की गई, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग थी। ‘धुरंधर’ में दिखाई गई कहानी ने उस सच्चाई को उजागर किया, जिसे वर्षों तक नजरअंदाज किया गया।
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पाकिस्तान में छिड़ी बहस
इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। कराची के कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि आखिर अपराधियों को समाज में किस तरह से याद किया जाना चाहिए। कुछ लोगों ने हबीब जान बलोच के बयान का समर्थन किया और कहा कि अपराध को अपराध की तरह ही दिखाया जाना चाहिए, चाहे वह कितना ही चर्चित क्यों न हो। वहीं, कुछ वर्गों ने फिल्म और बलोच के बयान को एकतरफा बताते हुए आपत्ति भी जताई।

फिल्म ‘धुरंधर’ की रिलीज के बाद यह बहस सिर्फ सिनेमा तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह पाकिस्तान में अपराध, राजनीति, मीडिया और कहानी कहने के तरीके पर भी सवाल खड़े कर रही है। कराची जैसे शहर, जहां गैंगवार और अपराध का इतिहास रहा है, वहां इस तरह की फिल्मों और बयानों का असर गहराई से देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हबीब जान बलोच के इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। बावजूद इसके, यह बयान एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या सिनेमा सिर्फ मनोरंजन है या फिर वह समाज को आईना दिखाने का माध्यम भी बन सकता है। ‘धुरंधर’ ने अनजाने में ही सही, लेकिन रहमान डकैत की कहानी के बहाने उस खामोशी को तोड़ दिया है, जो वर्षों से उसके इर्द-गिर्द बनी हुई थी। अब यह बहस आने वाले समय में किस दिशा में जाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
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