सरदार मलिक और अन्नू मलिक
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फिल्मी सफर
उन्हें इंडस्ट्री में पहचान 1953 में आई फिल्म 'ठोकर' से मिली। इस समय तक बॉलीवुड का हर शख्स सरदार मलिक को जानने लगा था। इस फिल्म के बाद उनके खेमे में ‘औलाद’ (1954), ‘अब-ए-हयात’ (1955), ‘मन के आंसू’ (1959), ‘मेरे घर मेरे बच्चे’ (1960), ‘सारंगा’ (1961), ‘बचपन’ (1963), ‘महारानी पद्मिनी’ (1964), ‘जंतर मंतर’ (1964) और ‘ज्ञानी जी’ (1977) जैसे कुछ बेहतरीन फिल्में रहीं।