जया बच्चन से पुराना नाता
डैनी सिक्किम के एक रईस परिवार से संबंध रखते हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एफटीआईआई में एक्टिंग सीखने पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात जया बच्चन से हुई। दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई। डैनी नाम भी जया ने ही उन्हें दिया था। डैनी का असल नाम शेरिंग फिंटसो डेन्जोंगपा है। डैनी नाम बोलना सहज था, आगे चलकर इंडस्ट्री में वे इस नाम से जाने भी गए। आज भी जया और डैनी की दोस्ती बरकरार है।
जब डायरेक्टर ने ऑफर की गॉर्ड की नौकरी
जब डैनी फिल्मों में एक्टिंग करने के लिए, रोल पाने के लिए कोशिश कर रहे थे। वह एक डायरेक्टर मोहन कुमार के घर पहुंचे। डैनी ने फिल्म में काम मांगा तो मोहन कुमार ने कहा कि वे उनके बंगले में गॉर्ड की नौकरी कर लें। इस अपमान को डैनी नहीं भूल पाए। डैनी ने आगे चलकर इंडस्ट्री में नाम कमाया, पैसा कमाया। साथ ही मोहन कुमार के घर के बगल में एक जमीन लेकर, उस पर बड़ा सा बंगला बनवाया। इस तरह एक्टर डैनी ने अपने अपमान का बदला डायरेक्टर मोहन कुमार से लिया।
बेहतरीन गायक-बांसुरी वादक हैं डैनी
डैनी सिर्फ अच्छे कलाकार ही नहीं है, वह बेहतरीन गायक और बासुरी वादक भी हैं। डैनी ने हिंदी फिल्मों के लिए भी प्लेबैक सिंगिंग की है। वह लता मंगेशकर जी के साथ भी गाना गा चुके हैं। साथ ही डैनी ने किशोर कुमार, मोहम्मद रफी और आशा भोंसले के साथ भी गीत गाए हैं। एस.डी बर्मन जैसे संगीतकार के लिए भी वह गीत गा चुके हैं। डैनी ने हिंदी के अलावा नेपाली फिल्मों के लिए भी काफी गीत गाए हैं। वह एक बेहतरीन बांसुरी वादक भी हैं।
शोले के गब्बर भी बने सकते थे अभिनेता
फिल्म ‘शोले’ में अमजाद खान गब्बर के किरदार में आज भी याद किए जाते हैं। लेकिन कम ही दर्शक जानते होंगे कि गब्बर के रोल के लिए पहले डैनी को फाइनल कर लिया गया था। लेकिन फिराेज खान की फिल्म ‘धर्मात्मा’ करने के कारण उन्हें ‘शोले’ में गब्बर का किरदार छोड़ना पड़ा। दोनों फिल्मों की डेट्स मैनेज करना डैनी के लिए मुमकिन ना था। ऐसे में उन्होंने अपने करीबी दोस्त फिरोज खान की फिल्म को चुना है।
डैनी डेन्जाेंगपा और परवीन बॉबी
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