आर्यन खान मामले की जांच कर रहे एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े खुद भ्रष्टाचार का आरोप झेल रहे हैं। ऐसे में अब एनसीबी की विजिलेंस टीम इस मामले पर तेजी से जांच कर रही है। शुक्रवार को आर्यन खान ने एनसीबी के सामने अपना बयान दर्ज करवाया। आर्यन ने नवी मुंबई के बेलापुर आरएएफ कैंप में अपना बयान रिकार्ड कराया। वहीं अब एनसीबी के उपमहानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह ने इस मामले में हुई अब तक की जांच के बारे में बताया है। ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि इस बार मुंबई आने के बाद एनसीबी की टीम ने अपनी जांच में 7 गवाहों को शामिल किया है।
ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा, ‘इसके अलावा कुछ इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। टीम ने क्राइम सीन का दौरा किया है। 14 से 15 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं और जरूरत पड़ने में आगे भी पूछताछ की जाएगी। टीम ने जांच के सिलसिले में मुंबई पुलिस आयुक्त से शिष्टाचार भेंट की थी। उन्होंने हमारी टीम को आश्वासन दिया है कि वे हमारा पूरा सहयोग देंगे और देश को नशा मुक्त बनाने में एनसीबी का साथ देंगे।’
ज्ञानेश्वर सिंह ने ये भी बताया कि इस मामले की जांच चल रही है और हम इसे अपनी प्राथमिकता के आधार पर कर रहे हैं। यह एक छोटी और चुनौतीपूर्ण जांच है जिसे हम जल्द से जल्द पूरा करना चाहते हैं। अभी जांच में कुछ और अहम गवाहों को शामिल करना बाकी है। उनकी जांच के बाद हम शायद किसी निष्कर्ष की ओर बढ़ेंगे।’
एनसीबी की टीम ने प्रभाकर सेल का बयान दर्ज कर लिया है और ये बात डिप्टी डायरेक्टर जनरल ज्ञानेश्वर सिंह ने भी कही है। उन्होंने बताया कि एनसीबी के मुख्य गवाह प्रभाकर सेल का बयान दर्ज हो गया है। टीम ने 1-2 और महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ की है। हमारी टीम जांच की गति और दिशा से संतुष्ट है और हम जल्द से जल्द निष्कर्ष पर पहुंचने की कोशिश करेंगे।
बता दें कि, एनसीबी के स्वतंत्र गवाह प्रभाकर सेल ने दावा किया है कि उसके बॉस किरण गोसाबी ने एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े से शाहरुख के बेटे आर्यन को बाहर निकालने के लिए जबरन वसूली की चर्चा की थी। सेल ने अपने दावा में कहा कि गोसावी ने सैम डिसूजा को कॉल किया था और 25 करोड़ के डिमांड करने की बात कही थी और 18 करोड़ में मामला सेटल किया था जिसमें आठ करोड़ समीर वानखेड़े को दिया जाना था और बाकी उनमें बंटवारा होता। इसी वजह से समीर वानखेड़े भी अब जांच के घेरे में आए हुए हैं।