एक फिल्म बनाना अपने आप में चुनौती है। लेकिन मौजूदा हालातों में एक बनी-बनी फिल्म को रिलीज करना उससे ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। निर्देशक अनुराग कश्यप कहते हैं कि एक बड़ी फिल्म रिलीज करने को इतनी तैयारियां की जाती हैं, जितनी कोई राजैनैतिक पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारियां नहीं करती।
ये वो दौर है, जब फिल्म निर्माण से पहले उसके प्रचार का बजट बना लिया जाता है। दिमाग में महज एक विचार आने पर विधिवत समारोह करके बताया जाता है कि फलां-फलां निर्माता कंपनी, निर्देशक-अभिनेता का अनुबंध हो गया है, जल्द ही कोई फिल्म बनने वाली है।
इसका हालिया उदाहरण निर्देशिका गौरी शिंदे की बनने वाली एक फिल्म है, जिसमें अभी बस ये तय हो पाया है कि अभिनेता शाहरुख खान और अभिनेत्री आलिया भट्ट होंगी। इसको लेकर शाहरुख-आलिया एक मंच पर आ चुके हैं। आलिया भट्ट ने अभी से बयानबाजी शुरू कर दी है।
क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस फिल्म के रिलीज होने से पहले इसके बारे में आपको क्या-क्या दिखाया-बताया जाएगा? इसमें हर लम्हें पर पीआर के माध्यम से खबर फैलाई जाएगी। जरूरत पड़ी तो शाहरुख-आलिया खुद ट्विटर पर जानकारियां फैलाएंगे।
फिल्म रिलीज करने से पहले फिल्म का नाम तय होने, फिल्म के दूसरे कलाकार तय होने, मुहूर्त शॉट, शूटिंग के दौरान सेट की तस्वीरें, फर्स्टलुक पोस्टर (केवल नाम लिखा हुआ), पोस्टर, टीजर, ट्रेलर, गाने, कुछ दृश्यों की मेकिंग वीडियो, फिल्म देखने की अपील वाले वीडियो तक जारी किए जाएंगे।
लेकिन बात इतने से नहीं बनती। बीच-बीच में पोस्टर, टीजर, ट्रेलर और गाने लॉन्च करने के दौरान भव्य समारोह किए जाएंगे। ट्विटर पर ट्रेंड चलेगा #फलनाफिल्मट्रेलरडे। इसके बाद तमाम संचार माध्यमों (समाचार चैनलों, टीआरपी वाले टीवी धारावाहिकों, एफएम चैनलों, अखबारों में साक्षात्कार) पर अभिनेता-अभिनेत्री, निर्देशक स्वयं जाकर आपसे रूबरू होंगे। फिर इसके बाद कहीं, फिल्म रिलीज का अवसर आएगा। पर इतनी कवायद क्यों?
फर्स्टलुक पोस्टर
#Sarbjit is produced by Sandeep Singh, Omung Kumar and Vashu Bhagnani and directed by Omung Kumar. Here's the logo: pic.twitter.com/Alir5lcUSQ— taran adarsh (@taran_adarsh) January 14, 2016