राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, लेखक, पेंटर, कार्टूनिस्ट और एनिमेटेड फिल्ममेकर गौतम बेनेगल का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनकी उम्र महज 56 वर्ष थी। गौतम बेनेगल के निधन की खबर उनके दोस्त कैजाद कोटवाल ने सोशल मीडिया के जरिए दी।
कैजाद लिखते हैं, 'मैं गहरे सदमे में हूं। गौतम बंगाल नहीं रहे। कल ही हम एक दूसरे को मैसेज भेज रहे थे। भारत के लिए एक बड़ा दुख, खासतौर पर उनके आर्टिस्ट फैंस के लिए। मैं अभी भी इसपर विश्वास नहीं कर पा रहा हूं।'
गौतम बेनेगल के निधन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर ही उनके फैंस उन्हें श्रद्धांजलि देने लगे। एक यूजर ने लिखा, 'गौतम, मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि आप अब नहीं रहे। मैं आपके प्रेरणादायक पोस्ट पढ़ता था और वही मेरा दिन अच्छा बनाते थे। मैं उन्हें मिस करूंगा।' अन्य एक यूजर ने लिखा, 'क्या शॉकिंग खबर है। मुझे भरोसा नहीं हो रहा। कई सालों से फेसबुक पर हम दोस्त रहे और अब वो नहीं रहा। एक अच्छा पेंटर, लेखक, फिल्ममेकर हमेशा के लिए चला गया।'
गौतम बेनेगल ने 16 साल की उम्र में बच्चों की मैगजीन 'संदेश' बनाई थी। इसके अलावा उन्होंने भारत के फिल्म प्रभाग के लिए फिल्में बनाईं और उनकी फिल्मों को तेहरान, बेलारूस, हिरोशिमा और काहिरा में फिल्म समारोहों के लिए भी नामांकित किया गया है। उन्हें 2010: द प्रिंस एंड द क्राउन ऑफ स्टोन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार (रजतकमल) से सम्मानित किया गया।