अदालत ने कही यह बात
सुनवाई के दौरान जब अदालत को सूचित किया गया कि सीरीज रिलीज की जा चुकी है और सभी छह एपिसोड उपलब्ध हैं, तो राजन के वकील मिहिर देसाई ने कहा कि निर्माताओं को इससे उनका नाम और इमेज हटाने के लिए निर्देशित किया जा सकता है। हालांकि, न्यायमूर्ति डिगे ने राजन को राहत देने वाला कोई भी आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा, "सीरीज पहले ही रिलीज हो चुकी है। सभी एपिसोड आ चुके हैं। हम अब इस मामले को अगली तारीख पर देखेंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को सात जून तक जवाबी हलफनामे दायर करने का आदेश भी दिया। पीठ ने राजन को उनके द्वारा मांगी गई राहत को बदलने के लिए अपने मुकदमे में संशोधन करने की अनुमति दी। साथ अदालत ने उससे यह भी जस्टिफाई करने के लिए कहा कि यह बौद्धिक संपदा अधिकारों का मामला कैसे था।
TMKOC: मुनमुन दत्ता पर दिए अपने बयान से पलटीं 'बावरी', मोनिका भदौरिया ने 'बबिता जी' की तारीफों के बांधे पुल
नेटफ्लिक्स की ओर दी गई यह दलील
नेटफ्लिक्स की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील रवि कदम ने अदालत को बताया कि राजन को पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है और फैसला सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है। कदम ने कहा, "ऐसी परिस्थितियों में कोई भी उसका नाम या छवि का इस्तेमाल कर सकता है।" पीठ ने तब पूछा कि क्या होगा अगर वह (राजन) उच्च न्यायालय में उनके द्वारा दायर अपील में बरी हो गए। इस पर, कदम ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की ओर इशारा किया जिसमें कहा गया था कि जब तक अपील लंबित है तब तक निचली अदालत का फैसला किसी व्यक्ति को दोषी ठहराता है।
Jee Karda: तमन्ना भाटिया की नई वेब सीरीज 'जी करदा' का हुआ एलान, इस दिन होगा वर्ल्ड प्रीमियर
2011 का है मामला
गौरतलब है कि छोटा राजन अभी तिहाड़ जेल में बंद है। उसने 'स्कूप' सीरीज की रिलीज पर रोक लगाने और ट्रेलर को हटाने की मांग की है। गैंगस्टर ने हंसल मेहता और नेटफ्लिक्स एंटरटेनमेंट सर्विसेज इंडिया सहित सीरीज के अन्य मेकर्स से अपने व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन को रोकने की भी मांग की। इसके अलावा उसने हर्जाने के रूप में एक रुपये की भी मांग की है। जून 2011 में पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या कर दी गई थी। राजन और पत्रकार जिग्ना वोरा सहित 11 अन्य इस मामले में आरोपी थे। मई 2018 में, राजन और आठ अन्य को मामले में दोषी ठहराया गया था। वोरा को बरी कर दिया गया।
Snehal Rai: 'एक बच्चे को खोना सौ मौतों के बराबर है', चार महीने के बेटे के निधन को यादकर छलका स्नेहल का दर्द