भारतीय बुनकरों के कपड़े पहनेंगी कंगना
कंगना रणौत ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी में उस प्रवृत्ति की आलोचना की जहां मशहूर हस्तियां अंतरराष्ट्रीय ब्रांड पहनती हैं, और उन्हें उनके सहयोग से भारी लाभ मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े ब्रांडों को बढ़ावा देने के बजाय, वह भारतीय बुनकरों और कुशल हस्तशिल्प पेशेवरों द्वारा बनाए गए स्वदेशी परिधानों को बढ़ावा देने का विकल्प चुनेंगी।
खुद को ठहराया एयरपोर्ट लुक ट्रेंड का जिम्मेदार
कंगना रहीं पूंजीवाद का शिकार
कंगना रणौत ने अपने कई और आकर्षक एयरपोर्ट लुक को साझा किया और खुद को 'पूंजीवाद का शिकार' बताया। एक्ट्रेस ने कहा, 'पत्रिका के संपादकों और फैशन इंडस्ट्री के जरिए एक पश्चिमी महिला दिखने के लिए ब्रेनवाश किया गया ताकि मैं केवल अंतरराष्ट्रीय डिजाइनरों की जेब भर सकूं। पर्यावरण पर मेरी पसंद के प्रभाव के बारे में परवाह किए बिना हमेशा कपड़े खरीदने में शर्म आती है।' कंगना रणौत ने खुद से सवाल किया, 'अगर एक भारतीय महिला ऐसी दिखती है तो एक अमेरिकी महिला कैसी दिखती है।' इस चलन को अलविदा कहते हुए उन्होंने कहा, 'अलविदा एयरपोर्ट लुक, ऐसा लगता है कि हम उस चरण से आगे निकल गए हैं। अब वक्त आ गया है कि अगर मैं एक कपड़ा भी खरीद लूं, तो मैं खुद से पूछती हूं कि इससे कितने भारतीयों को फायदा होगा।'
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एक्ट्रेस ने खुद को बताया 'बिंबो'
कंगना रणौत यहीं नहीं रुकीं और उन्होंने आगे जोड़ा, 'जबकि मैं एक बिंबो की तरह काम करती हूं, सिस्टम मुझे एक फैशनिस्टा के रूप में सम्मानित करता है ताकि मुझे और अधिक अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके, जबकि मेरे अपने लोग जैसे बुनकर और हस्तशिल्प पुरुष धीमी और स्थिर मौत मर रहे हैं। फिर वे चालाकी से मेरे द्वारा पहनी जाने वाली हर चीज की कीमत लगाना शुरू कर देते हैं, और अनुमान लगाते हैं कि मैं किस चीज के जाल में फंसती हूं, अब यह स्टाइल से ज्यादा ब्रांड के बारे में है, यहां तक कि वास्तव में स्टाइलिश व्यक्ति के लिए भी। फैशन ब्रांड सिर्फ कपड़े और बैग भेजकर आपको उनके लिए मुफ्त में काम करवाते हैं, वे पूरी सभ्यता की संस्कृतियों और परंपराओं को हाईजैक करना शुरू कर देते हैं।'