साल 1964 में बांग्ला फिल्म 'विभास' से ललिता चटर्जी ने उत्तम कुमार के अपोजिट डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने कुछ बांग्ला फिल्मों में काम किया था। बाद में वह बॉलीवुड फिल्मों में काम करने के लिए मुंबई आ गईं। उन्होंने 'रात अंधेरी थी', 'आप की कसम', 'तलाश', 'विक्टोरिया नंबर 203' और 'पुष्पांजलि' जैसी हिंदी फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं अदा की।
ललिता चटर्जी ने 70 और 80 के दशक में कई स्टेज प्रोडक्शन में भी काम किया था हालांकि 2013 में आई गौतम घोष की फिल्म 'शुन्यो अवन्को' के बाद वह लाइमलाइट से गायब होने लगीं। ललिता ने आदित्य विक्रम सेनगुप्ता की 'जोनकी' में लीड रोल में और अरिंदम सिल की 'आशे अबार शबोर' में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।