फिल्म इंडस्ट्री के सफल निर्देशकों में से नीरज पांडे को अपने क्रिकेट प्रेम के लिए भी जाना जाता है। खेल के प्रति अपने इसी लगाव के चलते निर्देशक ने भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक 'एम एस धोनी- एन अनटोल्ड स्टोरी' बनाई थी। लेकिन वह उसमें क्रिकेट की दुनिया के दूसरे पहलुओं को ज्यादा नहीं दिखा पाए थे। इसी बीच जब उन्होंने लॉक डाउन में आस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज देखी तब उन्हें अहसास हुआ कि खिलाड़ी के जीवन में कितना तनाव है,कितनी मुश्किलें हैं और कितना दर्द है ।
इस मैच को देखने से पहले नीरज पांडे को लगता था कि सिर्फ फिल्म जगत में ही शो मस्ट गो ऑन होता है, लेकिन जब उन्हें पता चला कि क्रिकेटर मोहम्मद सिराज के पिता की मृत्यु हो गई फिर भी उसने बड़ी शिद्दत के साथ मैच खेला। तब जाकर नीरज नीरज पांडे को लगा कि क्रिकेट की दुनियां का यह पहलू भी उजागर होना चाहिए।
इसी मकसद से उन्होंने इस टेस्ट सीरीज को डॉक्यूमेंट्री के रूप में री क्रिएट कर 'बंदों में था दम' बनाई है। जिसमे भारतीय टीम से अजिंक्य रहाणे, मोहम्मद सिराज, रविचंद्रन अश्विन, चेतेश्वर पुजारा और हनुमा विहारी नजर आएंगे। यह डॉक्यूमेंट्री 16 जून को वूट सेलेक्ट पर दिखाई जाएगी। इसमें भारत की सबसे बड़ी टेस्ट जीत का वर्णन करने का शानदार प्रयास किया गया है।
नीरज पांडे कहते हैं कि, 'बंदो में था दम' भारत की अब तक की सबसे बड़ी टेस्ट जीत में से एक की कहानी बताने का मेरा एक अभूतपूर्व और महत्वाकांक्षी प्रयास है। इसमें कुछ प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी है, जो अपना पक्ष दिखाएंगे।
यह भारतीय क्रिकेट टीम की शानदार यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि है और वूट सेलेक्ट द्वारा उस पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाने का सराहनीय प्रयास भी है। जहां टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को हराया था जब हमारे कई खिलाड़ी चोटिल हुए थे। उस दौरान सभी का मानना था कि भारत हारने वाला है, लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने उस हार को घायल होने के बाद भी जीत में तब्दील कर दिया था ।