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V. Vijayendra Prasad: सिनेमा के बाहुबली विजयेंद्र प्रसाद अब राजनीति में लिखेंगे पटकथा, राज्यसभा सदस्य मनोनीत

Wed, 06 Jul 2022 08:54 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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वी. विजयेंद्र प्रसाद - फोटो : सोशल मीडिया
वी. विजयेंद्र प्रसाद को राज्यसभा भेजा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर यह जानकारी साझा की है। बता दें कि वी. विजयेंद्र प्रसाद मशहूर भारतीय फिल्म निर्देशक हैं। इन्होंने तेलुगू सिनेमा में बड़ा योगदान दिया है। इसके अलावा 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी पैन इंडिया फिल्मों की पटकथा भी इनकी कलम से लिखी गई है। वी. विजयेंद्र प्रसाद  दक्षिण सिनेमा के मशहूर निर्देशक एस.एस. राजामौली के पिता हैं। इन्हें राज्यसभा भेजे जाने की जानकारी साझा करते हुए पीएम मोदी ने भी इनका बड़ा शानदार परिचय दिया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'वी. विजयेंद्र प्रसाद  दशकों से रचनात्मक दुनिया से जुड़े हैं। उनकी रचनाएं भारत की गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित करती हैं और विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर बधाई।' आइए जानते हैं वी. विजयेंद्र प्रसाद के बारे में...
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वी. विजयेंद्र प्रसाद - फोटो : सोशल मीडिया
जमींदार परिवार से होकर भी देखी गरीबी
वी विजयेंद्र का जन्म आंध्र प्रदेश में पश्चिम गोदावरी जिले के कोवूर में हुआ। उनके पिता ठेकेदार थे। इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी अच्छी थी। छह भाई और एक बहन में विजयेंद्र सबसे छोटे हैं। घर में किसी को खेती का कोई शौक नहीं था। एक बार विजयेंद्र ने कहा था कि मैं एक ऐसा किसान हूं जो कभी खेत नहीं गया। ऐसे में जमीनें बिकती गईं। दरअसल उनके सबसे बड़े भाई शिव शक्ति दत्ता को शायरी और कला का शौक था। वह फिल्म निर्देशक बनना चाहते थे। इसके लिए वह अपने भाइयों के साथ चेन्नई चले गए। यहां किस्मत ने साथ नहीं दिया। लिहाजा कई फिल्में लिरीज ही नहीं हो पाईं। जमीन-खेती बिकी सो अलग। हालत यह हो गई कि खाना खाने के भी लाले पड़ गए। मगर इस मुश्किल वक्त में विजयेंद्र की मुलाकात अपने एक पुराने सहपाठी से हुई, जो उनके भाई शिव शक्ति दत्ता को राइटर-डायरेक्टर राघवेंद्र राव के पास ले गए। इस तरह बड़े भाई कहानियों को लेकर उनके साथ बैठने लगे। छोटे भाई विजयेंद्र भी इन बैठकों का हिस्सा बनते। राघवेंद्र राव ने उन्हें 'जानकी रामुडु' (1988) की कहानी साझा रूप से लिखने के लिए कहा। इस तरह तेलुगु सिनेमा में भाई के साथ उनका करियर शुरु हुआ। विजयेंद्र की बतौर लेखकर पहली फिल्म 'बंगारू कुटुंबम' (1994) है।
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वी. विजयेंद्र प्रसाद - फोटो : सोशल मीडिया
धन के लिए नहीं उठाई कभी कलम
जिस उम्र में लोग रिटायरमेंट लेकर आराम फरमाना पसंद करते हैं। वी. विजयेंद्र प्रसाद उस उम्र में भी पूरी तरह सक्रिय हैं। अब तक उन्होंने सिनेमाई दुनिया में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। अब वह राजनीतिक पारी शुरू करने जा रहे हैं। वी. विजयेंद्र जितनी शानदार कहांनियां लिखते हैं, उनका खुद का व्यक्तित्व भी उतना ही शानदार है। लेखन उनका शौक है। उन्होंने कभी धन कमाने के लिए कलम नहीं चलाई है। एक बातचीत के दौरान खुद विजयेंद्र प्रसाद ने यह कहा था। उन्होंने कहा था, 'मैं कहानी लिखने का मजा लेता हूं। शोहरत और पैसा तो बोनस है।' 

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वी. विजयेंद्र प्रसाद - फोटो : सोशल मीडिया
महादानी हैं विजयेंद्र
वी. विजयेंद्र प्रसाद स्वभाव से दानी हैं। दूसरों की मदद करना उन्हें बेहद पसंद है। यही वजह है कि वह अपना ज्यादातर पैसा चैरिटी में दान दे देते हैं। दिलचस्प बात है कि वह कभी चैरिटी को लेकर दिखावा करना पसंद नहीं करते हैं। अपनी इस खूबी को लेकर एक बार उन्होंने कहा था, 'मेरा मानना है कि दान ऐसे करो कि बाएं हाथ को न पता चले कि दाएं से कुछ गया है।'  
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वी. विजयेंद्र प्रसाद - फोटो : सोशल मीडिया
सलमान खान की इस फिल्म की लिख चुके हैं स्क्रिप्ट 
दक्षिण सिनेमा से लेकर बॉलीवुड तक वी. विजयेंद्र प्रसाद ने कई फिल्मों का पटकथा लेखन किया है। सलमान खान की फिल्म 'बजरंगी भाईजान' की स्क्रिप्ट भी इन्होंने लिखी है। विजयेंद्र अपना काम बेहद संजीदगी से करते हैं। यहां तक कि किसी फिल्म की मेकिंग के दौरान वह अपने बेटे एस एस राजामौलि के साथ भी प्रोफेशनल अंदाज में पेश आते हैं। एक मीडिया बातचीत में विजयेंद्र से पूछा गया था, 'अपने बेटे एसएस राजमौलि के साथ काम करते समय उनके साथ कैसा संबंध रहता है।' इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा था, 'काम करते समय पूरी तरह से डायरेक्टर और राइटर वाला। मैं उसके इनपुट पर पूरा ध्यान देता हूं।' 
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