आयुष्मान खुराना आने वाले दिनों में फिर एक बार एक अतरंगी किरदार में नजर आने वाले हैं। वीर्यदाता, यौनांग शिथिलता, समलैंगिक प्रेमी, समाजवादी अधिकारी, गंजेपन से जूझते युवा के बाद वह अब एक ऐसा किरदार करने जा रहे हैं, जिसे करने की कोशिश हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दिनों में तो बहुत सफल रहीं, लेकिन नए जमाने में इसे करने के फेर में सलमान खान को छोड़ तमाम धुरंधर पानी मांग चुके हैं।
हिंदी सिनेमा में जासूसी फिल्मों की लंबी परंपरा रही है। देव आनंद ने फिल्म सीआईडी, ज्वैलथीफ और जॉनी मेरा नाम में, जितेंद्र ने फिल्म फर्ज में, धर्मेंद्र ने फिल्म आंखें जैसी जासूसी फिल्मों में बेहतरीन किरदार निभाए और ये सारी फिल्में सुपरहिट रहीं। लेकिन, जैसे जैसे हिंदी सिनेमा के दर्शकों की पहुंच में विदेश में बनी जासूसी फिल्में आने लगीं, देसी स्पाई थ्रिलर्स की रौनक घटने लगी। शाहरुख खान की जासूसी फिल्म बादशाह और सैफ अली खान की फिल्म एजेंट विनोद के नाम हिंदी में बनी सुपरफ्लॉप जासूसी फिल्मों में लिए जाते हैं।