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कॉमेडी में रंग जमाने से पहले क्या करते थे असरानी? बॉलीवुड में दोस्ती की बने मिसाल; जानें अनसुने किस्से

Thu, 01 Jan 2026 11:18 AM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Asrani Birth Anniversary: आज दिग्गज अभिनेता असरानी की जयंती है। पिछले साल दिवाली के दिन उनका निधन हुआ। यह दिग्गज अभिनेता अपने कॉमिक किरदारों के लिए हिंदी सिनेमा में हमेशा याद रख जाएंगे। असरानी की जयंती पर जानिए, उनके जीवन और करियर से जुड़े कुछ अनसुने किस्से। 

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अभिनेता असरानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फिल्म 'शोले' में जेलर का कॉमिक किरदार निभाकर असरानी ने दर्शकों को खूब हंसाया था। साथ ही कई फिल्मों में अपनी अदाकारी के अलग-अलग उन्होंने दिखाए। आज दिवंगत अभिनेता की जंयती है। इस अवसर पर जानिए, उनकी जिंदगी और फिल्म करियर से जुड़े कुछ चर्चित किस्से।

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कम उम्र में बने वॉयस ओवर आर्टिस्ट 
असरानी का पूरा नाम गोवर्धन असरानी था। उनका जन्म 1 जनवरी 1941 को राजस्थान के जयपुर शहर में हुआ था। पिता कारोबारी थे लेकिन असरानी का मन कभी बिजनेस में नहीं लगा। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई जयपुर से ही पूरी की। पढ़ाई के साथ उन्होंने अपना खर्च उठाने के लिए ऑल इंडिया रेडियो में बतौर वॉयस ओवर आर्टिस्ट काम किया था। 

फिल्म 'शोले' में असरानी - फोटो : एक्स (ट्विटर)

'शोले' में हिटलर का अंदाज किया कॉपी 
फिल्म 'शोले' (1975) में असरानी को जेलर का एक छोटा सा रोल मिला था। डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने बताया कि यह अंग्रेजों के जमाने के जेलर वाला एक किरदार है। असरानी ने अपने इस छोटे से रोल को अलग बनाने की ठान ली। उन्होंने तानाशाह हिटलर के पुराने वीडियो देखे और उसका अंदाज कॉपी किया। चलने का तरीका, हाथ हिलाना और डायलॉग बोलना सब हिटलर जैसा था। लेकिन यह सबकुछ उन्होंने कॉमिक अंदाज में किया। जब वह ‘शोले’ के सेट पर पहुंचे तो सब उन्हें देखकर लोटपोट हो गए। फिल्म में उनका डायलॉग 'हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं' आज भी मशहूर है। असरानी ने कहा था कि ये रोल इतना छोटा था, लेकिन बॉडी लैंग्वेज ने इसे यादगार बना दिया।

जया बच्चन के साथ गहरा नाता
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक बार फिल्म 'गुप्ता जी की भाभी' या इसी तरह की एक फिल्म की शूटिंग चल रही थी। इस दौरान असरानी और जया बच्चन साथ थे। सीन में असरानी को जया पर गुस्सा दिखाना था, लेकिन दोनों इतना हंस पड़े कि 20 टेक लग गए। असरानी ने जया को चिढ़ाया और जया ने जवाब में उनका मजाक उड़ाया। डायरेक्टर को गुस्सा आ गया, लेकिन सेट पर माहौल खुशहाल हो गया। असरानी ने एक इंटरव्यू में बताया कि जया के साथ काम करना हमेशा मजेदार था। वह उन्हें अपनी बहन जैसा मानते थे।

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असरानी और राजेश खन्ना - फोटो : एक्स (ट्विटर)
राजेश खन्ना की बीमारी में सेवा की 
असरानी रिश्तों को निभाने में माहिर शख्स थे। राजेश खन्ना के साथ उनकी गहरी दोस्ती थी। राजेश खन्ना के साथ करीब 25 फिल्मों में उन्होंने काम किया है। राजेश खन्ना असरानी को अपना 'भाई' कहते थे। एक किस्सा है, जब 'मेरा नाम जोकर' के सेट पर राजेश खन्ना बीमार पड़ गए। असरानी ने उनका ख्याल रखा, दवा दी और सीन शूट होने तक इंतजार किया। असरानी ने कहा था कि सेट पर दोस्ती ही असली कमाल करती है। 



सेट पर परवान चढ़ा प्यार 
असरानी की लव लाइफ के बारे में बात करें तो उनकी मुलाकात मंजू से फिल्म 'आज की ताजा खबर' के सेट पर हुई। पहले उनकी दोस्ती हुई और फिर 'नमक हराम' के सेट पर उनकी मोहब्बत परवान चढ़ी। बाद में दोनों ने शादी कर ली। असरानी का एक बेटा है, जिनका नाम नवीन है। 

असरानी की चर्चित फिल्में 
असरानी ने साल 1970 से लेकर 1979 तक 'मेरे अपने', 'कोशिश', 'बावर्ची', 'अभिमान', 'महबूबा', 'पलकों की छांव में' और 'बंदिश' जैसी फिल्मों में सपोर्टिंग रोल किए। उन्होंने 1977 में फिल्म 'चला मुरारी हीरो बनने' में लीड रोल निभाया। फिल्म की काफी तारीफ हुई थी। 

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