दिवंगत आशा भोसले और एस डी बर्मन के साथ
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आज दिग्गज गायिका आशा भोसले ने 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। इनका हर गाना एक मिसाल है। मगर उनकी यादों के एक पन्ने पर फिल्म 'बंदिनी' से जुड़ा एक किस्सा काफी खास है। जब एस डी बर्मन की डांट के बाद उन्होंने अपने अंदर के दर्द को आवाज में उतार दिया।
एस डी बर्मन के लगी गाने में कमी
बिमल रॉय की 'बंदिनी' 1963 में रिलीज हुई थी । फिल्म में नूतन, धर्मेंद्र और अशोक कुमार ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं। इस फिल्म के गाने 'मोरा गोरा अंग लइ ले' गुलजार ने भी फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। बंदिनी के संगीतकार एसडी बर्मन का एक गाना उन्होंने आशा भोसले को सौंपा था। जब ताई माइक्रोफोन पर गाने आईं तो टेक्निकली बिल्कुल ठीक थीं। गाना भी सुर में था। मगर सचिन बर्मन की अपेक्षा के मुताबिक सही नहीं था। जिससे वे नाराज हो गए। 'आसा, क्या 'बाल' तुम्हारा भाई नहीं है? क्या तुम उसे राखी नहीं बांधती?' इससे आशा भोसले स्तब्ध रह गईं।
आशा भोसले, एसडी बर्मन
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'बंदिनी'के लिए गाते हुए याद आया भाई
आशा भोसले उस वक्त भावनात्मक रूप से बुरे दौर से गुजर रहीं थीं। एक पुरानी बातचीत में उन्होंने बताया, 'उस समय, मेरी शादी हो चुकी थी और मैं अपने परिवार से अलग रह रही थी; मुझे अपने भाई बाल (हृदयनाथ मंगेशकर) की इतनी ज्यादा याद आ रही थी कि मैं रो पड़ी। दादा ने तुरंत 'टेक' के लिए तैयार होने को कहा, और फिर मैंने वह गाना एक ही टेक में रिकॉर्ड कर दिया।' फिल्म का गाना एक औरत के दर्द को बयां करता गाना लोगों को बहुत पसंद आया। शैलेंद्र के बोलों से सजा, बेटी की पीड़ा को दर्शाता खूबसूरती से पिरोया गीत दशकों बाद भी श्रोताओं के दिल को छू जाता है।
फिल्म 'बंदिनी'
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कल होगा अंतिम संस्कार
आशा भोसले का अंतिम संस्कार कल सोमवार को होगा। गायिका का पार्थिव शरीर सुबह 11 बजे लोअर परेल में उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। शाम 4 बजे दादर के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यही वही जगह है, जहां उनकी बहन लता मंगेशकर का भी अंतिम संस्कार हुआ था।