गवाह प्रभाकर सेल से संपर्क करने की कोशिश
क्रूज ड्रग्स केस मामले में एनसीबी के डीडीजी ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा, ‘हमने हर तरह से इस केस के गवाह प्रभाकर सेल से संपर्क करने की कोशिश की है। क्योंकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये बात सामने आई थी कि प्रभाकर सेल लगातार पुलिस के संपर्क में था इसलिए हमने मुंबई पुलिस कमिश्नर कि तरफ से भी मदद का अनुरोध किया है।
अब तक नहीं भेजा है नोटिस
एनसीबी के डीडीजी ज्ञानेश्वर सिंह ने आगे कहा कि हम अभी तक उन्हें नोटिस नहीं दे पाए हैं। मुझे ये पूरी उम्मीद है कि वो इस जांच में शामिल होंगे क्योंकि वो क्रूज ड्रग्स केस के सबसे महत्वपूर्ण गंवाहों में से एक हैं। गौरतलब है कि हाल ही में ड्रग्स केस के मुख्य गवाह प्रभाकर सैल ने आर्यन को छोड़ने के लिए केपी गोसावी पर 'डील' कराने के आरोप लगाए थे। प्रभाकर सैल खुद को केपी गोसावी का बॉडीगार्ड बताता है।
समीर वानखेड़े को पैसे देने की कि थी बात
प्रभाकर सैल ने दावा किया था कि क्रूज पार्टी रेड के वक्त वह गोसावी के साथ थे. प्रभाकर ने खुलासा किया था कि केपी गोसावी सैम नाम के शख्स से फोन पर 25 करोड़ रुपए से बात शुरू कर 18 करोड़ में डील फिक्स करने की बात कर रहा था। केपी गोसावी ने 8 करोड़ रुपए एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े को देने की भी बात कही थी।