अनुराग कश्यप और करन जौहर एक ऐसी बात पर नाराज हो गए हैं जिस पर शायद आप भी नाराज हो जाएं। अनुराग कश्यप और करन जौहर ने जमकर अपनी भड़ास निकाली है।
हिंदी फिल्म लंच बॉक्स का चयन ऑस्कर के लिए न किए जाने से करन जौहर और अनुराग कश्यप ने नाराजगी जताई है।
फिल्म निर्माता और निर्देशक अनुराग कश्यप ने कहा कि ऑस्कर के लिए किसी फिल्म को भेजने के लिए स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। यदि आप सर्वश्रेष्ठ फिल्म भेजना चाहते हैं तो राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म को भेजिए, नहीं तो उसे भेजिए जिसके जीतने की संभावना अधिक हो।
फिल्म निर्देशक और निर्माता करन जौहर ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा है कि मै निराश हूं और हैरान हूं। फिल्म लंच बॉक्स के ऑस्कर अवार्ड जीत सकती थी। हमने ऑस्कर अवार्ड जीतने का एक सुनहरा मौका खो दिया है।
इस बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली गुजराती फिल्म ‘द गुड रोड’ भारत की तरफ से अधिकारिक तौर पर ऑस्कर के लिए भेजी गई है। इस साल ऑस्कर में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। फिल्म निर्देशक ज्ञान कोरिया की यह पहली फिल्म है। ऑस्कर के लिए चुने जाने की रेस में द लंच बॉक्स, भाग मिल्खा भाग ने इस फिल्म को कड़ी टक्कर दी।
इनके अलावा श्रीदेवी अभिनीत इंग्लिश विंग्लिश, कमल हासन की विश्वरूपम, मलयालम फिल्म सेल्यूलॉयड भी होड़ में थी लेकिन ज्यूरी ने 'द गुड रोड' को सर्वसम्मति से ऑस्कर की सर्वोत्तम विदेशी फिल्म कैटेगरी में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना।
ऑस्कर चयन समिति के अध्यक्ष गौतम घोष ने बताया कि इस साल देश के विभिन्न हिस्सों से 22 फिल्में आई थी। इनमें से लंच बॉक्स, भाग मिल्खा भाग और विश्वरूपम को शॉर्टलिस्ट किया गया था लेकिन 19 सदस्यीय ज्यूरी ने 'द गुड रोड' का चयन किया।
घोष ने कहा कि वास्तव में लंच बॉक्स फिल्म की दावेदारी भी तगड़ी थी। 'द गुड रोड' का चयन करने से पहले ज्यूरी ने पांच घंटे तक चर्चा की। घोष ने कहा कि 'द गुड रोड' नई फिल्म होने के बावजूद आश्चर्यचकित करती है। यह एक बच्चे की कहानी के जरिए अज्ञात भारत को प्रदर्शित करती है।