छात्रों की आवाज रहे स्वतंत्र
उन्होंने कहा कि बड़ी भीड़ शुरू में किसी आंदोलन को मजबूत करने वाली प्रतीत हो सकती है, लेकिन कभी-कभी वे इसके मूल उद्देश्य से ध्यान भटका सकती हैं।
लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देते हुए अभिनेता ने कहा कि छात्रों को सवाल करने, विरोध करने और खुद को अभिव्यक्त करने का पूरा अधिकार है, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी है कि उनकी आवाज स्वतंत्र रहे।
क्यों हो रहा प्रदर्शन
प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, शिक्षा प्रणाली में सुधार और प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद तक प्रस्तावित मार्च के लिए सोमवार को हजारों छात्र और कार्यकर्ता राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर एकत्र हुए।
प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया। उन पर पुलिस ने कथित तौर पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। दोनों पक्षों ने हिंसा के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया।