अंजनेयुलु पर लगे ये आरोप
अंजनेयुलु उन तीन वरिष्ठ अधिकारियों में से एक हैं, जिन्हें कथित तौर पर बिना उचित जांच के जेठवानी की गलत तरीके से गिरफ्तार और उत्पीड़न में शामिल होने के आरोप पर निलंबित किया गया था। अंजनेयुलु, क्रांति राणा टाटा (पूर्व विजयवाड़ा पुलिस आयुक्त) और विशाल गुन्नी (पूर्व डिप्टी कमिश्नर) के साथ सितंबर 2024 में अभिनेता की बिना लिखित निर्देश या पर्याप्त सबूत के गिरफ्तारी का आदेश देने के लिए निलंबित कर दिए गए थे।
प्रोटोकॉल की अवहेलना
डीजीपी की रिपोर्ट के आधार पर जारी किए गए सस्पेंशन आर्डर और मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा साइन किए गए आदेश में जांच प्रोटोकॉल की घोर अवहेलना की बात कही गई है। यह पता चला कि गिरफ्तारी के आदेश 31 जनवरी को मौखिक रूप से जारी किए गए थे और एफआईआर दर्ज होने से पहले ही यात्रा टिकट बुक कर लिए गए थे।
40 दिन से ज्यादा न्यायिक हिरासत में रहीं जेठवानी
जेठवानी और उनके परिवार को विजयवाड़ा लाया गया, जहां उन्हें जमानत मिलने से पहले 40 दिन से ज्यादा न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा। उनके वकील एन श्रीनिवास ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जमानत के लिए आवेदन करने से रोका और विद्यासागर पर उन्हें फंसाने के लिए जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी करने का आरोप लगाया। जेठवानी ने दावा किया कि गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित थी, लिखित आदेश के बिना की गई थी और आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मौखिक निर्देशों पर आधारित थी।