ऐसे जागा एक्टिंग का शौक
अमित सियाल का जन्म 1 जुलाई 1975 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता जूते बनाने का काम करते थे, जबकि मां एक लाइब्रेरियन थीं। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके चलते अमित ने बचपन से ही मेहनत और लगन की अहमियत समझ ली थी। पांचवीं कक्षा में पहली बार स्कूल के नाटक में हिस्सा लिया और तभी से अभिनय का शौक जाग गया।
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लंबा संघर्ष कर हासिल की सफलता
अमित ने अपनी शुरुआती पढ़ाई कानपुर से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स से बी.कॉम. की डिग्री ली। फिर माता-पिता ने कर्ज लेकर उन्हें ऑस्ट्रेलिया भेजा, जहां उन्होंने मेलबर्न से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। मेलबर्न में पढ़ाई के दौरान ही वह थिएटर से जुड़ गए। वहां उन्होंने गुजारा करने के लिए रेस्तरां में काम किया और टैक्सी भी चलाई। भारत लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली में बैरी जॉन के यहां थिएटर की ट्रेनिंग ली और अभिनय को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया। कई वर्षों तक उन्होंने कॉर्पोरेट में काम भी किया, लेकिन 2003 में उन्होंने यह काम छोड़कर थिएटर की तरफ अपना रुख कर लिया।
ओटीटी ने दिलाई खास पहचान
अमित को अभिनय का असली मौका 2010 में दिबाकर बनर्जी की फिल्म ‘लव सेक्स और धोखा’ से मिला, जिसमें उन्होंने एक पत्रकार का किरदार निभाया। लेकिन असली पहचान उन्हें ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से मिली। वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ में उनके किरदार ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद ‘जमातारा’, ‘होस्टेजेस’, ‘इनसाइड एज’, ‘काठमांडू कनेक्शन’ और ‘महारानी’ जैसी सीरीज में उनकी दमदार एक्टिंग ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया। अभिनेता के मुताबिक जब फिल्मों में काम नहीं मिला तो ओटीटी ने उनके करियर को नई जिंदगी दी।
इन फिल्मों में अभिनय से लूटी वाहवाही
फिल्मों की बात करें, तो अमित ने ‘तितली’ और 'रेड' जैसी फिल्मों में भी अपनी छाप छोड़ी। छोटे किरदारों में भी अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींचने में उन्हें महारत हासिल है। वह जल्द ही 'केसरी चैप्टर 2' में अपनी अदाकारी का जादू बिखेरते नजर आने वाले हैं।