मौजूदा समय में मर्दों की परिभाषा से चिंतित हैं इमरान
इस दौरान एक अन्य प्रशंसक ने पूछा कि जब फिल्म इंडस्ट्री में अल्फा मैन को ही असली मर्द की परिभाषा के रूप में पेश किया जा रहा है। ऐसे में इमरान मर्दानगी को कैसे परिभाषित करते हैं? इस पर एक्टर ने कहा कि ‘फिल्मों और पूरी दुनिया में जिस तरह से मिसॉजिनी और टॉक्सिक मर्दानगी को बढ़ावा दिया जा रहा है, उससे मैं बहुत परेशान हूं।
मुझे डर है कि पुरुष इन विषयों पर बात करने से कतराते हैं क्योंकि व्यक्तिगत स्तर पर उन्हें लगता है कि दूसरों के कामों के लिए उन्हें ही दोषी ठहराया जा रहा है। इसी वजह से वे यह बात भूल जाते हैं कि मर्दानगी की ये सीमित परिभाषाएं पुरुषों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। सच्ची ताकत इमोशनल भावनाओं में ही होती है।’
महिलाओं के खिलाफ हिंसक व्यवहार और टॉक्सिटी पर जताई गुस्सा
इमरान खान ने हिंसक, एग्रेसिव और महिलाओं के खिलाफ दिखाए जाने वाले अत्यधिक वॉयलेंस पर भी चिंता जाहिर की। जब उनसे पूछा गया था कि एक अभिनेता के रूप में वो इंडस्ट्री में आए इस नया बदलाव पर क्या सोचते हैं?
तो अभिनेता ने जवाब देते हुए कहा, ‘मैंने भी इस प्रवृत्ति को देखा है और जिस तरह से ये फिल्में इमोशनली कमजोर पुरुषों द्वारा किए गए हर हिंसक व्यवहार को बढ़ावा देती हैं, उससे मैं परेशान हूं। ये पुरुष यह समझ ही नहीं पाते कि कोई महिला उनके प्रपोजल को क्यों ठुकरा सकती है?
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हिंसा और टॉक्सिक व्यवहार को दिखाने और उन्हें सही ठहराने में बहुत बड़ा अंतर है। मैं इसे बिना सोचे-समझे एक चलन का पीछा करने के रूप में देखता हूं। मेरी अपनी अंतरात्मा मुझे ऐसी कहानी का हिस्सा बनने की मंजूरी नहीं देती, जिसे मैं गैर-जिम्मेदाराना मानता हूं।
इस फिल्म में बतौर लीड एक्टर नजर आएंगे इमरान
इमरान ने किसी फिल्म का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को ‘धुरंधर’, ‘एनिमल’ और ‘कबीर सिंह’ जैसी फिल्मों से जोड़कर देखा जा रहा है।
वर्कफ्रंट की बात करें तो इमरान आखिरी बार इसी साल रिलीज हुई फिल्म ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ में कैमियो में नजर आए थे। बतौर लीड एक्टर उनकी आगामी फिल्म ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ है। इसमें उनके साथ भूमि पेडनेकर नजर आएंगी।