किसी फिल्म की सफलता आज उसके प्रमोशन पर काफी हद तक निर्भर करती है। सरबजीत के प्रचार का भार ऐश्वर्या राय बच्चन के कंधों पर था। परंतु उन्होंने फिल्म को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करने में क्या वाकई मेहनत की?
बीते शुक्रवार को रिलीज हुई फिल्म सरबजीत बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कमतर साबित हुई। निर्माता-निर्देशक मायूस हैं। तीन दिन तक सिमट चुके कारोबार में पहले दिन फिल्म, पूरे देश का कलेक्शन मिला कर तीन करोड़ नहीं छू सकी। दूसरे दिन साढ़े तीन करोड़ बने। नतीजा, फिल्म डूबने के आसार बन गए। ट्रेड के जानकारों के अनुसार 25 करोड़ बजट की बताई जा रही सरबजीत के लिए पहले हफ्ते में लागत निकालना दूर की कौड़ी है।
निर्माताओं/वितरकों/प्रदर्शकों को फिल्म से वह हासिल नहीं होगा, जिसकी आशा थी। सरबजीत 2016 की उन फिल्मों में थी, जिसका इंतजार था। परंतु फिल्म का प्रचार और प्रमोशन दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रहा। जबकि इसमें ऐश्वर्या राय बच्चन और रणदीप हूडा मुख्य सितारे थे।
सूत्रों की मानें तो निर्माताओं ने प्रचार के लिए बड़ी योजनाएं बनाई थीं मगर सब धरी रह गईं क्योंकि ऐश्वर्या ने उनके हिसाब से चलने से साफ इंकार कर दिया। ऐश्वर्या ने किसी शहर में फिल्म के प्रमोशन के लिए जाने से मना कर दिया। जबकि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश ही इसके कलेक्शन को ऊंचाई दे सकते थे।
दिल्ली-यूपी सर्किट में पहले दिन फिल्म 85 लाख रुपये कमा सकी, जबकि पूर्वी पंजाब सर्किट में यह आंकड़ा 40 लाख से कुछ ऊपर रहा। अगर ऐश्वर्या ने यहां के दर्शकों तक फिल्म को पहुंचाने की कोशिश की होती तो तस्वीर अलग होती। वैसे, ऐश्वर्या ने मुंबई में भी मीडिया से मिलने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। बताया जाता है कि रिलीज के बाद बिगड़े हालात देख ऐश्वर्या ‘डैमेज कंट्रोल’ करना चाहती हैं। मीडिया से बात करने की इच्छुक हैं। परंतु यह चिड़िया चुग गई खेत वाली कहावत जैसा है।