बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी का मानना हैं कि कलाकारों का पुरस्कार लौटाना उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। हाल के दिनों में लेखकों, कलाकारों, फिल्मकार और वैज्ञानिकों ने राष्ट्रीय पुरस्कार लौटाए हैं। फिल्म जगत में से कइयों ने फैसले का समर्थन किया है वहीं कई ने इसकी आलोचना भी की है।
हेमा मालिनी से बीबीसी की मुलाकात कला को प्रमोट करने वाले उनके स्टेज शो 'जया स्मृति' से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान हुई। हेमा मालिनी कहती हैं, "अवार्ड लौटाना कलाकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। वो कहती हैं, "यहां लोकतंत्र है, लोग जो चाहें कानून के दायरे में रहकर वो कर सकते हैं, शायद लेखकों को लगता है कि उनका अपमान हुआ है, इसलिए वो ऐसा कर रहे हैं।"
वो कहती हैं, "मैं राजनीतिक मुद्दे पर कुछ नहीं कहना चाहती पर सबकी अपनी सोच है।" बॉलीवुड के कई कलाकार राजनीति में सक्रिय हैं और कुछ भाजपा सरकार का हिस्सा भी है। फिर भी फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों की शिकायत होती है कि बॉलीवुड के लोगों के सरकार में होने के बावजूद भी फिल्म जगत को किसी तरह की मदद हासिल नहीं हो पाती है।
शत्रुघ्न सिन्हा, विनोद खन्ना, जया बच्चन से करें शिकायत
सरकार में होते हुए भी बॉलीवुड की मदद ने करने की शिकायत को लेकर हेमा मालिनी नाराजगी जताते हुए कहती हैं, "कोई मदद मांगे तो हम आगे आएंगे, जो शिकायत करते हैं वे ही बाद में चुप हो जाते हैं।"
वे उदाहरण देते हुए कहती हैं, "मैं, शत्रुघ्न सिन्हा, विनोद खन्ना, जया बच्चन हम में से किसी से भी मिलकर अपनी शिकायत बता सकते हैं, हमसे जो कुछ भी करते बनेगा वो हम जरूर करेंगे।" वे कहती हैं कि लोगों को बिना हमसे मिले इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए।
जब हेमा मालिनी से पूछा गया कि क्या सरकारी पद संभालने के बाद किसी विज्ञापन का भाग होना उचित है? इस पर वे कहती हैं, "मैं पहले अभिनेत्री हूं फिर सांसद हूं" वे आगे कहती हैं, "मैं अभिनेत्री हूं इसलिए ही सांसद बनी हूं। जब मैं प्रचार करने जाती हूं तो लोग मुझे इसलिए देखने आते हैं क्योंकि मैं एक फिल्म स्टार हूं।"