कासरवल्ली ने यह भी कहा कि उनकी फिल्म में प्रकृति के इर्द-गिर्द घूमती है, क्योंकि वह इसकी भव्यता से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि उनकी फिल्मों की ज्यादातर शूटिंग मलनाडु, दक्षिण कन्नड़ और तटीय इलाकों में हुई है, क्योंकि वहां हम प्रकृति की सुंदरता से धन्य है।
इस सम्मान समारोह के दौरान अल्वा के अध्यक्ष एम मोहन अल्वा, संस्कृति विश्व प्रतिष्ठान के संस्थापक उदिपी विश्वनाथ विश्वनाथ शेनॉय, प्रभावती शेनॉय और एमजीएम कॉलेज के प्रिंसिपल देवीदास नाइक भी मौजूद थे।