भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन के पवित्र त्यौहार को रुपहले पर्दे पर भी बहुत खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया है। इस त्यौहार को लेकर कुछ ऐसे गीत भी पर्दे पर आए जो मिसाल बन गए। यह गीत आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है। इन खूबसूरत गीतों को आज भी रक्षाबंधन पर याद किया जाता है।
भईया मेरे राखी के बंधन को निभाना
1959 में आई फिल्म 'छोटी बहन' में भाई-बहन के प्यार भरे अटूट रिश्ते को परदे पर दिखाया गया था। इस फिल्म का गीत "भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना" राखी पर्व का चिरपरिचत गीत बन गया। गाने में बलराज साहनी ने बड़े भाई और नन्दा ने छोटी बहन की भूमिका निभायी थी।
मेरे चंदा मेरे अनमोल रतन
'काजल' फिल्म में संगीतकार रवि के संगीत से सजे आशा भोंसले की आवाज में यह बोल बेहद बेमिसाल बन गए। फिल्म काजल में मीना कुमारी पर बेहद लोकप्रिय गीत "मेरे भइया मेरे चंदा मेरे अनमोल रतन" का फिल्मांकन किया गया था। रवि के संगीत निर्देशन में इस गीत को आशा भोंसले ने स्वर दिया था।
एक हजारों में मेरी बहना है
वर्ष 1971 में रिलीज 'हरे रामा हरे कृष्णा' में देवानन्द और जीनत अमान द्वारा निभाई भाई-बहन की भूमिका को आज भी लोग नहीं भूले हैं और न ही भूले हैं फिल्म के गाने "फूलों का तारों का सबका कहना है एक हजारों में मेरी बहना है"। यह गीत आज भी रक्षाबंधन के सदाबहार गीतों में शुमार है।
बहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है
इस गीत में धर्मेन्द्र अपनी बहनों से घिरे हैं जो उनकी आरती कर रही हैं और यह गीत गा रहीं हैं। जिसे सुनकर धर्मेन्द्र की आंखों में प्यार के आंसू निकल पड़ते हैं। गीत बहुत ही यादगार है और रक्षा बंधन पर आज भी खूब बजता है।