फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Balraj Sahni: इस फिल्म में मुस्लिम किरदार निभाने के लिए याद किए जाते हैं बलराज साहनी, नहीं देख पाए थे अभिनय

Sun, 13 Apr 2025 08:21 AM IST
सिराजुद्दीन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Balraj Sahni Death Anniversary: 'गरम हवा' और 'दो बीघा जमीन' में अपने किरदार से मशहूर होने वाले अभिनेता बलराज साहनी की आज पुण्यतिथि है। इस मौके पर आइए जानते हैं उनके बारे में उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।
विज्ञापन
बलराज साहनी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

'धरती के लाल', 'दो बीघा जमीन' और 'गरम हवा' जैसी फिल्मों में बेहतरीन अदाकारी करने वाले अभिनेता बलराज साहनी की आज पुण्यतिथि है। वह अपनी एक फिल्म में मुस्लिम का किरदार निभाने के लिए सबसे ज्यादा याद किए जाते हैं लेकिन वह खुद ये फिल्म नहीं देख सके थे। आज उनकी पुण्यतिथि पर हम आपको उनसे जुड़ी कुछ खास बातें बता रहे हैं।

विज्ञापन


पढ़ाई के बाद संभाला खानदानी कारोबार
बलराज साहनी एक मई 1913 को ब्रिटिश भारत के पंजाब के रावलपिंडी में पैदा हुए। बलराज साहनी ने अपनी शुरूआती पढ़ाई लाहौर के सरकारी स्कूल में पूरी की। साहनी ने हिंदी में स्नातक किया। उन्होंने लाहौर से अंग्रेजी में परास्नातक की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद बलराज साहनी अपना खानदानी कारोबार संभालने के लिए रावलपिंडी गए।

अध्यापक और रेडियो अनाउंसर के तौर पर किया काम
अपनी जिंदगी में कुछ नया करने और अपने हालात बदलने के लिए साल 1930 में बलराज साहनी ने रावलपिंडी छोड़ दिया था। बलराज साहनी ने बंगाल में विश्व-भारती यूनिवर्सिटी में बतौर अध्यापक काम करना शुरू किया। साल 1938 में बलराज साहनी गांधी जी से मिले। उनकी ही मदद से बलराज साहनी बीबीसी की हिंदी सेवा के लिए लंदन गए। यहां उन्होंने बतौर रेडियो अनाउंसर काम करना शुरू किया। यहां से वह साल 1943 में वापस लौटे।
Saif Ali Khan Stabbing Case: करीना ने बताया हमले के दिन सैफ के साथ क्या हुआ, चार्जशीट से हुआ यह बड़ा खुलासा

बलराज साहनी - फोटो : अमर उजाला
सात साल के बाद बॉलीवुड में मिली पहचान
बलराज साहनी हमेशा से अभिनय करना चाहते थे। उन्होंने 'इंडियन पीपल थियेटर एसोसिएशन' से अपने अभिनय करियर की शुरूआत की थी। लंदन से लौटने के बाद साल 1946 में बलराज साहनी ने बॉलीवुड की फिल्म 'इंसाफ' से अपने अभिनय करियर की शुरूआत की। इसके बाद वह ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म 'धरती के लाल' और 'दूर चलें' में नजर आए। ये साल 1953 था जब बलराज साहनी ने बिमल राय की फिल्म 'दो बीघा जमीन' में काम किया। इस फिल्म से उन्हें काफी शोहरत मिली। फिल्म को कांस फिल्म फेस्टिवल में अवॉर्ड दिया गया। बलराज साहनी की दूसरी मशहूर फिल्मों में 'काबुलीवाला' और 'वक्त' है।

इस रोल के लिए सबसे ज्यादा किए जाते हैं याद
बलराज साहनी ने फिल्म 'गरम हवा' में अभिनय किया। इस फिल्म में उन्होंने एक मुस्लिम का किरदार निभाया जो विभाजन के दौरान पाकिस्तान जाने से इंकार कर देता है। साहनी के इस रोल को लोगों ने खूब सराहा। हैरत की बात यह है कि बलराज साहनी इस फिल्म को नहीं देख सके। फिल्म की डबिंग का काम खत्म करने के अगले दिन ही उनका देहांत हो गया। 
Shreya Ghoshal: जारी हुआ श्रेया घोषाल का नया भक्ति गीत, अभिनय करती नजर आईं गायिका

बलराज साहनी - फोटो : सोशल मीडिया
शादी और परिवार
बलराज साहनी की पहली शादी साल 1936 में दमयन्ती साहनी से हुई थी। साल 1947 में उनकी पत्नी का देहांत हो गया। साल 1951 में उन्होंने संतोष चंडोक से दूसरी शादी की। 
बलराज साहनी और दमयन्ती साहनी से एक बेटा परीक्षित साहनी हैं। परीक्षित साहनी भी बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता हैं। हिंदी के बेहतरीन लेखक भीष्म साहनी, बलराज साहनी के भाई हैं। भीष्म साहनी ने कई नाटक लिखे और अभिनय भी किया।
विज्ञापन

बलराज साहनी की उपलब्धियां
1. बलराज साहनी ने पटकथा लेखन में भी हाथ आजमाया। उन्होंने 1951 की फिल्म 'बाजी' लिखी जिसमें देव आनंद मुख्य भूमिका में थे। इसका निर्देशन गुरु दत्त ने किया था।
2. बलराज साहनी ने बॉलीवुड के अलावा पंजाबी फिल्म 'नानक दुखिया सब संसार' (1970) और 'सतलुज दे कंडे' में काम किया।
3 बलराज साहनी उन कलाकारों मे शामिल हैं, जिन्होंने पद्मिनी, नूतन, मीना कुमारी, वैजयंती माला और नरगिस के साथ काम किया। 
4 नई पीढ़ी बलराज साहनी को उनके गाने 'ऐ मेरी जोहरा जबीं' के लिए याद करती है। ये गाना 'वक्त' (1965) फिल्म का है।  
5. बलराज साहनी को पद्म श्री पुरस्कार (1969) से भी सम्मानित किया गया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें