रियलिटी शो ‘छोरियां चली गांव’ ने पिछले दो महीनों में दर्शकों को गांव की सादगी, संघर्ष और अपनापन दिखाया। अब इस शो को अपनी विजेता मिल चुकी है। मशहूर एक्ट्रेस अनीता हसनंदानी ने शो को जीत लिया है। शो जीतने के बाद अनीता ने कहा कि वो वहां शो जीतने गई थीं। गांववालों का दिल जीतने गई थी। कंटेस्टेंट्स से रिश्ता बनाने नहीं गई थी।
गांव की जिंदगी से सीखे सबक
शो के दौरान कंटेस्टेंट्स को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने पारंपरिक ग्रामीण कार्य करने पड़े- जैसे गाय का दूध निकालना, कुएं से पानी भरना, चूल्हे पर खाना बनाना और स्थानीय परिवारों के साथ रहना। अनीता ने हर काम को मुस्कुराते हुए किया और कभी हार नहीं मानी। ग्रामीण महिलाओं के साथ उनका रिश्ता और अपनापन देखने लायक था। जहां कई सेलिब्रिटी शुरुआत में झिझक महसूस कर रहे थे, वहीं अनीता ने पूरे मन से गांव की जीवनशैली को अपनाया।
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ग्रैंड फिनाले में छाई रहीं अनीता
फिनाले एपिसोड अपने आप में एक जश्न बन गया। मंच पर टॉप-5 फाइनलिस्ट्स ने शानदार परफॉर्मेंस दी। वहीं शो की शुरुआत से ही ऐसा लग रहा था कि अनीता ही विजेता बनेंगी। अनीता के अलावा टॉप 2 में टाइगर श्रॉफ की बहन कृष्णा थीं जो शो की रनर अप रहीं।
'ये जीत सिर्फ मेरी नहीं, मेरे परिवार की है'
शो जीतने के बाद अनीता ने इमोशनल होते हुए कहा, 'जब मैंने ‘छोरियां चली गांव’ जॉइन किया, तब समझ नहीं पा रही थी कि गांव का जीवन कैसा होगा। लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए, मैंने सीखा कि असली खुशी सादगी में है। कई बार मुश्किलें आईं, पर मैं अपने बेटे आरव और पति रोहित को याद करके खुद को मजबूत करती रही। यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, मेरे परिवार की है।' इसके अलावा अनीता ने कहा कि वो वहां पर गांववालों का दिल जीतने के लिए गई थीं। बाकी दूसरे कंटेस्टेट्स से रिश्ते बनाने नहीं गई थीं लेकिन फिर भी उन्होंने शो के दौरान काफी अच्छी दोस्त मिलीं डॉली।