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Manorama: मुफलिसी ने 11 साल की उम्र में नौकरानी बनने पर किया मजबूर, फिल्मी सफर ने पहुंचाया गिनीज बुक तक नाम

Sun, 26 May 2024 08:06 AM IST
सुवेश शुक्ला एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

एक लड़की जिसने अपने जीवन की शुरुआत लोगों के घरों में नौकरानी का काम करके किया। जिसने मुफलिसी की भयंकर मार झेली, लेकिन जब उसकी किस्मत ने अंगड़ाई ली तो उसने इतिहास रच दिया और अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज करा लिया। अपने अभिनय के दम पर उसने वो मुकाम हासिल किया, जो बहुत सारे लोगों के लिए महज एक सपना बनकर रह जाता है। आइए जानते हैं वो मशहूर अभिनेत्री कौन हैं?
 
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मनोरमा आची - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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तमिलनाडु के मन्नारगुड़ी के एक गरीब परिवार में 26 मई 1937 को एक लड़की का जन्म होता है। घर वाले उसका नाम गोपीशांता रखते हैं। बच्ची को पालने के लिए उसकी मां लोगों के घरों में नौकरानी का काम करने लगी। गोपीशांता जैसे-जैसे बड़ी होती गई, परिवार की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती गई। लड़की ने अपनी आंखों के सामने अपनी मां को खून की उल्टियां करते हुए देखा, तो महज 11 साल की उम्र में पढ़ाई लिखाई छोड़कर लोगों के घरों में काम करने लगी, लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था। एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने गोपीशांता की किस्मत बदल दी। हम बात कर रहे हैं दक्षिण भारत की मशहूर अभिनेत्री मनोरमा की। जिन्होंने अपने काम की बदौलत अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज करवाया। लोग उन्हें ‘मनोरमा आची’ के नाम से भी जानते हैं। उनके बचपन का नाम ‘गोपिशांता’ था। मनोरमा एक मशहूर कॉमेडियन और जानी-मानी गायक भी रहीं। आइए जानते हैं कि मनोरमा ने लोगों के घरों में काम करने से लेकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करवाने तक का सफर कैसे तय किया?
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मनोरमा आची - फोटो : सोशल मीडिया
मां के बीमार होने पर लोगों के घरों में किया काम
मनोरमा का जन्म गरीबी में हुआ। उन्होंने अपने जीवन के शुरुआती दिनों में मुफलिसी की मार झेली। मां दूसरों के घरों में नौकरानी का काम करती थी। खुद मनोरमा ने भी लोगों के यहां नौकरानी का काम किया। शायद मनोरमा को भी नहीं पता था कि उनकी किस्मत में क्या लिखा है? लेकिन कहते हैं ना जब किस्मत बदलती है तो पूरी तरह से बदलती है। ऐसा ही कुछ मनोरमा के साथ भी हुआ। अभिनेत्री अपने कष्ट भरे दिनों से गुजर रही थीं। तभी गांव में एक नाटक मंडली आती है, जिसे एक ऐसे कलाकार की तलाश थी, जो गाने के साथ-साथ अभिनय भी कर सके। इस नाटक में काम करने का मौका मनोरमा को मिल गया। उन्होंने 12 साल की उम्र में अभिनय शुरू कर दिया।
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मनोरमा आची - फोटो : सोशल मीडिया
हुनर ले आया तमिल सिनेमा की चौखट तक
अभिनेत्री ने नाटक में काम करना शुरू कर दिया। वह अभिनय के साथ-साथ गाने भी गाती थी। जल्द ही मनोरमा अपनी काबिलियत की बदौलत चारों ओर मशहूर हो गईं। अपने हुनर के चलते साल 1957 में उन्हें फिल्म करने का मौका मिला। हालांकि, उन्हें जो दो फिल्मों का ऑफर मिला था वह किसी वजह से बंद हो गईं। आखिर 1958 में अभिनेत्री ने तमिल फिल्म ‘मालयित्ता मंगाई’ से अपने करियर की शुरुआत की। अपनी पहली फिल्म में ही उन्हें मुख्य भूमिका निभाने के लिए मिल गई। धीरे-धीरे मनोरमा फिल्मों में अपने कॉमेडी रोल के लिए मशहूर होती गईं। 
 

मनोरमा आची - फोटो : सोशल मीडिया
कन्नदासन की वजह से मिली फिल्मी दुनिया में आई थीं मनोरमा
कहा जाता है कि एक साक्षात्कार में जब मनोरमा से पूछा गया कि वह फिल्मों में कैसे आईं, तो उन्होंने इसका श्रेय मशहूर गीतकार कन्नदासन को दिया। अभिनेत्री के मुताबिक कन्नदासन ने उनसे कहा था कि अगर तुम फिल्मों में बतौर हीरोइन काम करोगी तो चार साल बाद ये तुम्हें बाहर कर देंगे, लेकिन अगर तुम कॉमेडी करोगी तो बहुत आगे तक जाओगी। मनोरमा ने कहा था कि मेरे अंदर की प्रतिभा को कन्नदासन ने ही पहचाना था।
 
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मनोरमा आची - फोटो : सोशल मीडिया
काम के दम पर गिनीज बुक में दर्ज कराया अपना नाम
अपने 57 साल के करियर में मनोरमा ने 1500 फिल्में, पांच हजार स्टेज शो किए और ढेर सारे गाने गाए। इसी की बदौलत उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। मनोरमा के नाम एक और रिकॉर्ड है, उन्होंने लगभग सभी मशहूर और बड़े संगीत निर्देशकों के साथ काम किया है। अभिनेत्री ने अपने इस सफर में ‘पद्म श्री सम्मान’ के साथ-साथ ‘कलैमामणि पुरस्कार’ भी अर्जित किया। साल 1989 में ‘पुधिया पढ़ाई’ फिल्म के लिए मनोरमा आची को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। अपनी शुरुआती जिंदगी में मुश्किलों को झेलते हुए उन्होंने विश्व भर में अपनी पहचान बनाई। बढ़ती उम्र के साथ मनोरमा के शरीर ने उनका साथ छोड़ना शुरू कर दिया था। लंबी बीमारी के चलते 78 साल की आयु में साल 2015 में मनोरमा आची ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
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