पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान अब तक की रिकॉर्ड शराब, ड्रग्स और नकदी जब्त हुई थी। 2019 में कुल 3,456 करोड़ रुपये की नकदी, ड्रग्स/नशीले पदार्थ, शराब, कीमती धातु (सोना, चांदी आदि) और मुफ्त में बांटी जाने वाली वस्तुएं जब्त की गईं थी। यह उस राशि का लगभग 90% है, जो सरकार ने 2014 के आम चुनाव के संचालन में आधिकारिक तौर पर खर्च की थी। यह बरामदगी नेताओं की ओर से अवैध नकदी, नशीले पदार्थों को बांटने, लोगों को अपने पक्ष में मतदान के लिए लुभाने के लिए शराब, सोना और चांदी की वस्तुएं और कई मुफ्त और उपहार वितरित करने के कारण हुई। इस बार चुनाव आयोग बेहद सख्त है। वह परंपरागत रूप से होने वाली कार्रवाई के अलावा यूपीआई पर भी नजर रखेगा। बैंकों को ऐसे सभी यूपीआई लेनदेन की जानकारी देनी होगी, जो संदेहास्पद होंगे।
180 फीसदी ज्यादा नकदी हुई जब्त
आयोग के आंकड़े बताते हैं कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान लगभग 300 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए थे। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से 1.86 लाख लीटर शराब और 17,070 किलोग्राम ड्रग्स/नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए थे। 2019 के चुनाव में 26 मार्च से 20 मई के बीच 841.11 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए। यह रकम 2014 में जब्त नकदी से 180 फीसदी ज्यादा है।
पहली बार रद्द करना पड़ा चुनाव
धन शक्ति का बड़े पैमाने पर उपयोग के चलते 2019 में पहली बार किसी संसदीय क्षेत्र का चुनाव रद्द करना पड़ा। तमिलनाडु में वेल्लोर में 16 अप्रैल को चुनाव होना था। इस बीच, आयकर विभाग की कार्रवाई में डीएमके नेता के यहां गोदाम में 10.48 करोड़ नकद मिले। इसके बाद आयोग ने निर्वाचन रद्द कर दिया था। ऐसे कारणों से विधानसभाओं और राज्यसभा के लिए चुनाव रद्द हो चुके थे, पर आम चुनाव में ऐसा पहली बार हुआ।
साईबाबा मंदिर में दान की 75% के बराबर रकम जब्त
2014 के चुनाव में जब्त नकदी, 2011 में शिरडी के साईं बाबा मंदिर में नकद में प्राप्त दान के 75 प्रतिशत के बराबर थी।
छह से अधिक स्विमिंग पूल भर जाते शराब से
2014 के लोकसभा चुनावों में जितनी शराब जब्त की गई थी, उससे लगभग साढ़े छह ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल आसानी से भर जाएंगे।
चार हाथियों के वजन के बराबर नशीले पदार्थ
2014 में जब्त दवाओं/नशीले पदार्थों का वजन तीन बड़े एशियाई हाथियों और एक हाथी के बच्चे के वजन के बराबर थी। अमूमन एक एशियाई हाथी का वजन लगभग 5,000 किग्रा होता है।