भाजपा की पहली सूची में अलीगढ़ और हाथरस लोकसभा सीट के उम्मीदवार के नामों को शामिल नहीं किया गया है। जिससे दोनों जगहों पर भाजपा कार्यालय पर सन्नाटा छाया हुआ है। पहली लिस्ट आने के बाद जोश देखने को नहीं मिल रहा है। अलीगढ़ भाजपा सांसद सतीश गौतम के विद्यानगर स्थित कार्यालय पर ताला लगा हुआ है, वहीं कयामपुर स्थित भाजपा के जिला कार्यालय पर भी सन्नाटा छाया हुआ है। ऐसा ही हाल हाथरस में भाजपा के कार्यालय का है।
लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने 195 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। सूची में अलीगढ़ और हाथरस लोकसभा सीट को छोड़ दिया गया है, जबकि इन सीटों के आस-पास की सीटों में आगरा, बुलंदशहर, एटा, मथुरा की घोषणा कर दी है। अलीगढ़ और हाथरस लोकसभा सीट पर अभी उम्मीदवार घोषित न करने से कई कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जिन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा नहीं हुई है, उन पर परिवर्तन की बयार चल सकती है। अलीगढ़ और हाथरस के भाजपा कार्यालयों पर सन्नाटा छाया हुआ है।
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भाजपा की पहली सूची में अलीगढ़ और हाथरस लोकसभा सीट के उम्मीदवार के नामों को शामिल नहीं किया गया है। जिससे दोनों जगहों पर भाजपा कार्यालय पर सन्नाटा छाया हुआ है। पहली लिस्ट आने के बाद जोश देखने को नहीं मिल रहा है। लोग अलग-अलग तरह के कयास लगा रहे हैं। इन दोनों सीट पर भाजपा के सांसद काबिज हैं, पर पहली लिस्ट में जगह न पाने से चर्चा है कि यहां पर पार्टी अभी और मंथन करेगी। चर्चा यह भी है कि कहीं पार्टी दोनों सीट पर बदलाव न कर दे। अलीगढ़ भाजपा सांसद सतीश गौतम के विद्यानगर स्थित कार्यालय पर ताला लगा हुआ है, वहीं कयामपुर स्थित भाजपा के जिला कार्यालय पर भी सन्नाटा छाया हुआ है। ऐसा ही हाल हाथरस में भाजपा के कार्यालय का है।
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अलीगढ़ लोकसभा क्षेत्र से तीसरी बार टिकट पर संशय ?
अलीगढ़ लोकसभा सीट पर वर्ष 1999 के 15 साल बाद भाजपा का परचम 2014 में फहरा। सतीश गौतम सांसद बने और उन्होंने 2019 में भी जीत हासिल की। अब 2024 में वर्तमान सांसद सतीश गौतम को तीसरी बार भाजपा से टिकट मिलेगी या नहीं, इसको लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है। भाजपा की पहली लिस्ट में अलीगढ़ संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित न करने से यहां पर चर्चा है कि हो सकता है, जब अन्य सभी पार्टी अपने उम्मीदवार घोषित कर देंगी, तब भाजपा अपना प्रत्याशी घोषित करेगा। चर्चा यह भी है कि अलीगढ़ लोकसभा सीट के उम्मीदवार के लिए पार्टी अभी और मंथन करेगी, साथ ही यहां पर वर्तमान सांसद को तीसरी बार टिकट दिया जाएगा या नहीं, इसे लेकर भी संशय बना हुआ है। हो सकता है कि भाजपा तीसरी बार सतीश गौतम पर विश्वास जताए।
हाथरस लोकसभा क्षेत्र से दूसरी बार टिकट मिलेगा या कटेगा ?
हाथरस लोकसभा सीट पर वर्ष 2004 के 10 साल बाद भाजपा का 2014 में सांसद बना। भाजपा से राजेश दिवाकर जीते और अगली बा 2019 में उनका टिकट काट दिया गया। 2019 में भाजपा ने राजवीर सिंह दिलेर को टिकट दी और उन्होंने जीत हासिल की। भाजपा की पहली सूची में हाथरस लोकसभा को शामिल न करने से इस सीट पर वर्तमान सांसद राजवीर सिंह दिलेर को दूसरी बार टिकट दिया जाएगा या इतिहास दोहराते हुए टिकट कटेगा, इसको लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है। हो सकता है कि भाजपा राजवीर सिंह दिलेर को दूसरी बार अपना प्रत्याशी बनाए।
एटा से कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर सिंह को टिकट
एटा लोकसभा क्षेत्र से वर्ष 2009 में दिवंगत कल्याण सिंह अपनी नई पार्टी जन क्रांति पार्टी से सांसद बने। उसके बाद उनके पुत्र राजवीर सिंह राजू भैया 2014 और 2019 में सासंद बने। इस बार भी पार्टी ने राजवीर सिंह पर विश्वास जताया है। अलीगढ़ के मैरिस रोड स्थित उनके आवास पर खुशी का माहौल है। उनके स्वागत की तैयारी में समर्थक लग गए हैं।