यूपी में 'मिशन 80' के तहत भगवा खेमे ने 2019 में हारी हुई 16 सीटों को हथियाने के लिए खास रणनीति तैयार की है। हालांकि उपचुनाव में पार्टी ने दो सीटें जीत लीं। अब इस लोकसभा चुनाव में पार्टी का फोकस उन सीटों पर भी है, जिनपर हार-जीत का अंतर 15 हजार मतों से कम था।
रायबरेली सीट जीतना बड़ी चुनौती
प्रचंड लहर में भी कांग्रेस के मजबूत किले के तौर पर स्थापित रायबरेली सीट पर भाजपा जीत नहीं दर्ज कर पाई है। ऐसे में 2024 के चुनाव में कांग्रेस के तिलिस्म को तोड़ने को भाजपा ने बड़ी चुनौती के रूप में लिया है। सूत्रों के अनुसार इस सीट के लिए भाजपा एक ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो रायबरेली सीट पर कांग्रेस के विजय रथ को रोकने में सक्षम हो।
2019 में इन सीटों पर मिली थी हार
श्रावस्ती, सहारनपुर, बिजनौर, नगीना, अमरोहा, अंबेडकरनगर, गाजीपुर, लालगंज, घोसी, जौनपुर,आजमगढ़, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, मैनपुरी और रायबरेली।
इन सीटों पर कम था भाजपा के जीत का अंतर
सीट जीत का अंतर