चुनाव आयोग ने 18वीं लोकसभा के लिए चुनावी तिथियों की घोषणा कर दी है। इसके अनुसार 19 अप्रैल को पहले चरण के लिए वोट डाले जाएंगे तो एक जून को सातवें चरण के लिए वोटिंग होगी। चार जून को मतगणना होगी, जिसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि इस बार किसकी सरकार बनेगी और अगले पांच साल तक देश को दिशा देने का काम कौन करेगा। इसी बीच, अमर उजाला ने मतदाताओं से यह जानने का प्रयास किया कि इस चुनाव में उनके लिए मुद्दे क्या हैं और वे किस मुद्दे से प्रभावित होकर वोट देना चाहेंगे।
राष्ट्रीय मुद्दे कर रहे प्रभावित- धीरेंद्र कुमार
धीरेंद्र कुमार का कहना है कि सोशल मीडिया ने जनता को राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति ज्यादा सचेत कर दिया है। अब तक केवल शहरों और पढ़े लिखे मतदाताओं के बीच ही राष्ट्रीय मुद्दे चर्चा का केंद्र होते थे, लेकिन अब गांव की चौपालों और चाय की दुकानों पर भी अनुच्छेद 370, तीन तलाक, देश के दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के वादे और देश की साख विदेशों में बढ़ने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। अब राम मंदिर का मुद्दा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनका मानना है कि इस बार जनता इन्हीं मुद्दों पर वोट करेगी।
एक मतदाता के तौर पर धीरेंद्र कुमार का कहना है कि वे राष्ट्रवाद, देश की आर्थिक स्थिति में मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सभी पार्टियों के विचार जानकर ही यह तय करेंगे कि वे किसे वोट करेंगे। ऊर्जा आवश्यकता और प्रदूषण से निपटना भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती होने वाली है। वे यह देखकर अपना वोट डालेंगे कि किस पार्टी के पास इन मुद्दों पर काम करने के लिए बेहतर विजन है।
विकास और अर्थव्यवस्था की मजबूती को करेंगे वोट- सोहन कुमार
पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर के मतदाता सोहन कुमार ने कहा कि देश का विकास उनके लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। वे इसी मुद्दे पर मतदान करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण देश दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। अब मोदी इसे तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का काम करने जा रहे हैं। इसके अलावा पूरे देश में जिस तरह सड़कों का विकास हुआ है, बड़े अस्पताल बने हैं और लोगों को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिला है, उन्हें लगता है कि लोग इसी मुद्दे पर वोट कर सकते हैं।
सम्मान और सुरक्षा मेरे वोट का मुद्दा- पिंकी धवन
गृहणी पिंकी धवन का कहना है कि वर्तमान सरकार ने महिलाओं के सम्मान में बढ़ोतरी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनवाकर महिलाओं के सम्मान की रक्षा की है। साथ ही उन्हें उज्ज्वला योजना, ड्रोन दीदी, लखपति दीदी योजना, जनधन खाते के माध्यम से गरीब और मजबूर महिलाओं को मजबूत करने का काम किया है। यही कारण है कि वे महिला सशक्तिकरण और नारी सम्मान के मुद्दे पर वोट करना चाहेंगी।
आवारा पशु और घाटे की खेती सबसे बड़ा मुद्दा- मोहम्मद आजम
मोहम्मद आजम का कहना है कि उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। आवारा पशुओं के कारण कई स्थानों पर लोगों ने खेती करना छोड़ दिया है। महंगी खाद, उपज से ज्यादा लागत की घाटे वाली खेती और कर्ज में फंसते हुए किसान मतदान के सबसे बड़े मुद्दे हैं।
एक कोचिंग इंस्टीट्यूट चला रहे मोहम्मद आजम ने कहा कि युवाओं की बेरोजगारी युवाओं के लिए वोटिंग का सबसे बड़ा मुद्दा है। अकेले यूपी में 11 परीक्षाएं फर्जीवाड़े का शिकार हो चुकी हैं। युवाओं का भविष्य दांव पर है। उन्होंने कहा कि वे उसी पार्टी को वोट करना चाहते हैं जो युवाओं को एक बेहतर भविष्य देने की गारंटी दे सके।
मोहम्मद आजम बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। कई सेक्टर ठीकठाक काम कर रहे हैं, लेकिन कई सेक्टर में अभी भी पर्याप्त तेजी नहीं देखी जा रही है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि वे उसी पार्टी को वोट करेंगे जिसके पास लोगों को काम देने और देश को विकास की राह पर आगे ले जाने का बेहतर विजन होगा।
हर हाथ को काम देने वाली सरकार चाहिए- शहजाद अली
शहजाद अली का कहना है कि इस समय पूरे देश में मूलभूत ढांचे का विकास तेज गति से हो रहा है। लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। यही कारण है कि इससे बेरोजगारी कम करने में मदद मिली है। वे ऐसी ही किसी पार्टी को वोट करना चाहेंगे जो लोगों को रोजगार दे और मूलभूत ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास करे।