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ग्राउंड रिपोर्ट: गांधीनगर राजनीतिक प्रयोगों की 'राजधानी', अमित शाह के सामने कांग्रेस से सोनल पटेल मैदान में

Sun, 05 May 2024 06:49 AM IST
दीपक कुमार शर्मा उपमिता वाजपेयी

सार

देश की इकलौती सीट गांधीनगर, जहां से एक पीएम, एक सीएम, दो गृह मंत्री, एक चुनाव आयुक्त, अभिनेता और शास्त्रीय नृत्यांगना ने चुनाव लड़ा है। इस बार गृह मंत्री अमित शाह के सामने कांग्रेस की सोनल पटेल चुनाव मैदान में हैं।
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गुजरात के गांधीनगर से अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुजरात की सबसे वीवीआईपी सीट गांधीनगर। वीवीआईपी इसलिए क्योंकि यहां से देश के गृह मंत्री अमित शाह चुनाव लड़ रहे हैं। मुकाबले में कांग्रेस की सोनल पटेल हैं। सोनल पेशे से आर्किटेक्ट हैं और पार्टी की महाराष्ट्र सह प्रभारी भी। गांधीनगर से सांसद रहे शंकर सिंह वाघेला कहते हैं, जब अटल बिहारी वाजपेयी को सिंधिया के चलते ग्वालियर सीट छोड़नी पड़ी, तो उन्होंने ही अटल से गांधीनगर आकर लड़ने की सिफारिश की थी। फिर अटल के बाद लालकृष्ण आडवाणी यहां से छह बार सांसद बने। इस सीट से सबसे ज्यादा बार सांसद बनने का रिकॉर्ड उन्हीं के नाम दर्ज है। और तो और, गांधीनगर देश की इकलौती सीट है, जहां से एक पीएम, एक सीएम, दो गृह मंत्री, एक चुनाव आयुक्त, एक अभिनेता और एक मशहूर शास्त्रीय नृत्यांगना ने चुनाव लड़ा है। कांग्रेस आखिरी बार 1984 में यहां से जीती थी। वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक कृष्णकांत कहते हैं, भाजपा की सबसे सुरक्षित सीट गांधीनगर से देश के सबसे ताकतवर नेता अमित शाह के सामने किसे उतारा जाए, यह कांग्रेस के लिए काफी मुश्किल था। हारने को तैयार उम्मीदवार ढूंढना आसान नहीं...इसलिए कांग्रेस ने सोनल पटेल को उतारकर महिला कार्ड खेला है। राजनीति के जानकारों का आकलन है कि महिला होने के नाते सोनल बाकी कांग्रेस उम्मीदवारों से कुछ अधिक वोट जुटा पाएंगी। इस सीट पर 35 साल बाद कांग्रेस ने महिला उम्मीदवार चुना है। 1989 में कोकिला व्यास कांग्रेस प्रत्याशी थीं। उसी साल भाजपा के टिकट पर पहली बार शंकर सिंह वाघेला चुनाव जीते थे। बाद में वह गुजरात के मुख्यमंत्री भी बने। 

हूं छू मोदी नूं परिवार के पोस्टर 

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गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में 7 विधानसभा सीटें आती हैं। सातों पर भाजपा का कब्जा है। वैसे इस सीट को राजनीतिक प्रयोगों की राजधानी भी कहा जाता है। कांग्रेस ने 1996 में राजेश खन्ना और 1999 में पूर्व चुनाव आयुक्त टीएन शेषन को मैदान में उतारा था। 1996 में जब उप चुनाव हुए, तो राजेश खन्ना यहां से कांग्रेस की सीट पर लड़े और भाजपा के विजय हरिश्चंद्र पटेल को ठीक-ठीक टक्कर दी थी, पर जीत नहीं पाए थे। 

भाजपा के गुजरात के सबसे बड़े दफ्तर कमलम में दोपहर के वक्त सन्नाटा पसरा है। हूं छू मोदी नूं परिवार वाले पोस्टर सारे रास्ते लगे हैं। रावजी भाई गांधीनगर से 100 प्लस उम्र वाले वोटर हैं। कहते हैं गुजरात में चुनाव में बेवजह का हुल्लड़ कभी नहीं होता। यहां मुफ्तखोरी वाली राजनीति भी नहीं है। हम गुज्जू जमकर बिजनस करते हैं और खूब कमाते हैं, हमें मुफ्त की घोषणाएं नहीं चाहिए। गुजरात वह राज्य है, जहां दिन में आराम करने के लिए लोग लाखों का कारोबार छोड़ देते हैं।   

बूथ एजेंट से गृह मंत्री तक 
अमित शाह गांधीनगर लोकसभा के मौजूदा सांसद हैं। नारणपुरा विधानसभा सीट इसी संसदीय क्षेत्र में आता है। इसी वार्ड के संघवी स्कूल मतदान केंद्र से शाह ने बूथ एजेंट के रूप में कॅरिअर की शुरुआत की थी। वह इसी लोकसभा सीट से सांसद चुनकर देश के गृह मंत्री बने। 

79% आबादी शहरी 

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गांधीनगर गुजरात की 79 प्रतिशत शहरी आबादी वाली वह लोकसभा सीट है, जो सालों से भाजपा के हिस्से आई है। आबादी में हिंदू बहुमत में हैं। इस बार भाजपा के लिए यह सीट सबसे ज्यादा अंतर से जीत दर्ज कराने वाली टारगेट लिस्ट में सबसे ऊपर है। शाह ने पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के सीजे चावड़ा को 5.57 लाख वोट से हराया था। 

 पिछले दो चुनावों का हाल

                                                     लोकसभा चुनाव- 2019
उम्मीदवार  दल  मत%
अमित शाह  भाजपा 69.58 
सीजे चावड़ा कांग्रेस 26.26

 

                                                   लोकसभा चुनाव- 2014
उम्मीदवार  दल  मत%
लालकृष्ण आडवाणी भाजपा  68.03 
कीर्तिभाई पटेल कांग्रेस  25.54 

   

 

     

   

       

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