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LS Polls 2024: रायबरेली में भी राहुल को घेरने की पूरी तैयारी, भाजपा ने बनाया अमेठी वाला प्लान

Fri, 03 May 2024 06:40 PM IST
मिथिलेश नौटियाल डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला

सार

LS Polls 2024: भाजपा ने राहुल गांधी को रायबरेली में भी घेरने का प्लान बना लिया है। राहुल गांधी को घेरने के लिए भाजपा उसी रणनीति का इस्तेमाल करेगी, जिसके सहारे उन्हें अमेठी में हराया था।

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रायबरेली राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेस ने राहुल गांधी को रायबरेली लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाने की घोषणा कर दी और नामांकन करने की अंतिम तिथि तीन मई को उन्होंने अपना पर्चा दाखिल कर दिया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी की उम्मीदवारी का स्वागत करते हुए कहा कि इससे यूपी में कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। इसके साथ-साथ इससे पूरे देश में अच्छा संदेश भी जाएगा। वहीं, भाजपा ने राहुल गांधी को रायबरेली में भी घेरने का प्लान बना लिया है। राहुल गांधी को घेरने के लिए भाजपा ठीक उसी रणनीति का इस्तेमाल करेगी, जिसके सहारे उन्हें अमेठी में हराया था।        

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अमेठी में भाजपा ने तैयार किया था यह प्लान
भाजपा ने 2014 में अमेठी से राहुल गांधी के सामने तेजतर्रार नेता स्मृति ईरानी को अपना प्रत्याशी बनाया था। इसके साथ ही पार्टी ने जनता के बीच यह मुद्दा उठाना शुरू कर दिया कि गांधी परिवार केवल भावनाओं के सहारे अमेठी की जनता से वोट लेता है। लेकिन चुनाव में जीत हासिल करने के बाद परिवार के सदस्य कभी लौटकर नहीं आते। भाजपा ने जनता को यह समझाने की कोशिश की कि गांधी परिवार के जीतने के बाद अमेठी को कुछ लोगों के सहारे 'छोड़' दिया जाता है। इससे जनता की परेशानियों का कोई हल नहीं निकल पाता। स्मृति ईरानी ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से अपनी चुनावी सभाओं में उठाया। 
हालांकि, अपनी पूरी कोशिश करने के बाद भी भाजपा राहुल गांधी को 2014 में अमेठी में नहीं हरा सकी। अमेठी की परंपरागत सीट पर मतदाताओं का भरोसा गांधी परिवार पर बना रहा। लेकिन हार के बाद भी स्मृति ईरानी ने मैदान नहीं छोड़ा और वह अमेठी में डटी रहीं। उन्होंने बीच-बीच में लगातार पांच साल तक अमेठी जाकर लोगों से अपना संपर्क बनाए रखा। 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार आ जाने से उनका काम और आसान हो गया। राज्य सरकार के कामकाज के सहारे स्मृति ईरानी अमेठी के लोगों के बीच अपनी छवि 'जनता का काम' करने वाले नेता की बनाई। इसका उन्हें लाभ हुआ और 2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ने राहुल को अमेठी में मात दे दी। इसके बाद राहुल गांधी केरल के वायनाड चले गए।
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वही रणनीति रायबरेली में भी
भाजपा के अमेठी जिला के प्रवक्ता चंद्रमौलि सिंह ने अमर उजाला से कहा कि रायबरेली का हाल भी अमेठी वाला ही रहा है। रायबरेली ने लगातार गांधी परिवार को जिताने का काम किया, लेकिन इसके बाद भी गांधी परिवार ने कभी रायबरेली के विकास पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने जनता का कामकाज भी अपने कुछ लोगों के 'सहारे' छोड़ दिया था, जिससे जनता के काम कभी नहीं हुए। 
चंद्रमौलि सिंह ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने 2019 में रायबरेली से जीत हासिल की, लेकिन वे अपनी जीत का प्रमाण पत्र लेने तक रायबरेली नहीं आईं। पूरे पांच साल में सोनिया गांधी एक बार भी रायबरेली नहीं पहुंचीं। जिस रायबरेली ने उन्हें लगातार पांच बार सांसद बनाया (उपचुनाव सहित), अंततः उन्होंने उसे भी छोड़ दिया और राज्यसभा के पिछले दरवाजे से संसद पहुंच गईं। 2014 में चुनावी हार के बाद भी स्मृति ईरानी ने अमेठी नहीं छोड़ा, जबकि 2019 में हारने के बाद राहुल गांधी कभी अमेठी नहीं गए। इससे समझ आता है कि एक नेता के तौर पर गांधी परिवार की प्राथमिकता क्या है? 
भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के कामकाज के बल पर उसके दिलों में राज करती है और अपने कामकाज के सहारे ही जनता से वोट मांगती है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर अपने कामकाज के सहारे ही अपनी पार्टी के प्रत्याशी के लिए वोट मांगेंगे। भाजपा नेता का दावा है कि राहुल गांधी को रायबरेली में भी अमेठी की तरह हार का सामना करना पड़ेगा और वे इस बार रायबरेली से भी 'भागने' के लिए मजबूर हो जाएंगे। 

कांग्रेस बोली- जीत हासिल करेंगे, अच्छा संदेश जाएगा
राजनीतिक गलियारों में लगातार इस बात की चर्चा हो रही थी कि यदि गांधी परिवार ने अमेठी-रायबरेली को छोड़ दिया, तो इससे पूरे देश में बहुत नकारात्मक संदेश जाएगा। इससे भाजपा यह संदेश देने में कामयाब रहेगी कि पूरे यूपी से कांग्रेस का सफाया हो गया। संभवतया यही कारण है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व पर लगातार यह दबाव बनाए रखा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को इन पारंपरिक सीटों से पार्टी का उम्मीदवार बनाया जाए।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने अमर उजाला से कहा कि राहुल गांधी की रायबरेली में जीत तय है। यहां की जनता आजादी के काल से ही कांग्रेस और गांधी परिवार के साथ खड़ी रही है। इस बार भी राहुल गांधी को यहां से बड़ी जीत मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि रायबरेली से राहुल गांधी की उम्मीदवारी से पूरे प्रदेश में सकारात्मक संदेश जाएगा। इससे गठबंधन के कार्यकर्ताओं और दूसरी सीटों के प्रत्याशियों को भी बल मिलेगा। 
अजय राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश पूरे देश में राजनीतिक मामलों में नेतृत्व करता है। यहां पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी गांधी परिवार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता ही निभाएंगे। राहुल गांधी की रायबरेली से दावेदारी ने इस दिशा में कदम उठा दिया है, इसका पूरे देश में अच्छा संदेश जाएगा।

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