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Karawal Nagar Chunav Result 2025 Live: भाजपा के कपिल मिश्रा आगे, कभी इसी सीट से आप को दिलाई थी जीत

Sat, 08 Feb 2025 10:06 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला

सार

दिल्ली की इस सीट पर पूर्वांचली और उत्तराखंड के वोटरों के हाथ में जीत की चाबी रहती है। इस सीट पर भाजपा को सिर्फ एक बार हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस को अब तक कामयाबी नहीं मिली है। इस बार भाजपा से लड़ रहे कपिल मिश्रा ने 2015 में आप से लड़ते हुए इस सीट पर जीत हासिल की थी।
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करावल नगर विधानसभा सीट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर-पूर्वी लोकसभा सीट के तहत आने वाली करावल नगर विधानसभा सीट पर भाजपा के कपिल मिश्रा एकतरफा बढ़त बनाए हुए हैं। उनके मुकाबले में उतरे आम आदमी पार्टी के मनोज कुमार त्यागी और कांग्रेस के डॉ. पीके मिश्रा फिलहाल तीसरे नंबर पर हैं। 
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करावल नगर सीट पर पूर्वांचली और उत्तराखंडी मतदाता हमेशा निर्णायक भूमिका में रहे हैं। इस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है। 1993 से अब तक हुए सात विधानसभा चुनाव में यहां छह बार भाजपा और एक बार आम आदमी पार्टी चुनाव जीती है।

सबसे पहले इस सीट से भाजपा के रामपाल करहाना जीते थे। इसके बाद 1998 से 2013 तक लगातार भाजपा के मोहन सिंह बिष्ट चुनाव जीतते आ रहे हैं। 2015 में आम आदमी पार्टी के कपिल मिश्रा ने उन्हें हाराया। इसके बाद 2020 में मोहन सिंह बिष्ट ने आम आदमी पार्टी के दुर्गेश पाठक को करारी शिकस्त दी। 
 

यूपी बॉर्डर से सटा है अधिकतर हिस्सा
करावल नगर विधानसभा क्षेत्र का एक तरफ का हिस्सा यूपी बॉर्डर और दूसरी तरफ का हिस्सा यमुना खादर से लगा हुआ है। विधानसभा के तहत सभापुर, चौहान बांगर, सादतपुर और बदरपुर खादर सहित कई अन्य गावों के अलावा एक दर्जन से अधिक अवैध कॉलोनियां आती हैं। 80 फीसदी लोग विधानसभा के तहत आने वाली अवैध कॉलोनियों में रहते हैं।

वहीं कई बड़े गांवों के अलावा सोनिया विहार, भगत सिंह कॉलोनी, खजूरी, सादतपुर एक्सटेंशन, अणुव्रत विहार, मुकुंद विहार, तुकमीरपुर एक्सटेंशन, दयालपुर एक्सटेंशन और श्रीराम कॉलोनी सहित एक दर्जन से अधिक कॉलोनियां आती हैं। करावल नगर विधानसभा में आबादी के हिसाब से विकास नहीं हो पाया। क्षेत्र में मेडिकल सुविधाओं का अभाव है।

ज्यादातर कॉलोनियों के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी गंदे पानी की निकासी को बड़े मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है। इस वजह से निचले इलाकों में गंदा पानी जमा रहता है। इसके अलावा की इलाकों में पीने का पानी आज तक भी लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पाया। लोग टैंकर के भरोसे रहते हैं।
 
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वर्ष   जीते (पार्टी)      हारे (पार्टी)
1993   राम पाल (भाजपा)    कल्याण सिंह (कांग्रेस)
1998   मोहन सिंह बिष्ट (भाजपा)  जिले सिंह (कांग्रेस)
2003   मोहन सिंह बिष्ट (भाजपा)  हसन अहमद (कांग्रेस)
2008   मोहन सिंह बिष्ट (भाजपा)  सतन पाल दयमा (कांग्रेस)  
2013   मोहन सिंह बिष्ट (भाजपा)  कपिल मिश्रा (आप)
2015   कपिल मिश्रा (आप)   मोहन सिंह बिष्ट (भाजपा)
2020   मोहन सिंह बिष्ट (भाजपा)  दुर्गेश पाठक (आप)
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