झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाला गठबंधन लगातार दूसरी बार सत्ता में लौट आया है। राज्य की जनता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारते हुए इंडिया गठबंधन को दो तिहाई से अधिक बहुमत से सत्ता सौंपी। पिछली बार की 48 सीटों के मुकाबले इस बार गठबंधन की सीटें 56 हो गईं। सोरेन ने गठबंधन के प्रदर्शन को लोकतंत्र की परीक्षा में उत्तीर्ण होने जैसा बताया। राज्य में पहली बार कोई गठबंधन लगातार दूसरी बार सत्ता में आया है।
| पार्टी | सीटें |
|---|---|
| झामुमो | 34 |
| कांग्रेस | 16 |
| राजद | 04 |
| माकपा | 02 |
| पार्टी | सीटें |
|---|---|
| भाजपा | 21 |
| आजसु | 1 |
| लोजपा(रा) | 1 |
| जदयू | 1 |
नेता प्रतिपक्ष भी चित
चंपई सोरेन जीते, सीता-गीता को मिली पराजय
भाजपा ने आदिवासी बहुल कोल्हान में पिछली बार एक भी सीट नहीं जीती थी। इस बार इस इलाके में पैठ बनाने के लिए पार्टी ने झामुमो के दिग्गज नेता व पूर्व सीएम चंपई सोरेन को तोड़ लिया। उनकी सिफारिश पर कोल्हन में कई प्रत्याशी उतारे। लेकिन चंपई के अलावा अन्य सभी हार गए। भाजपा की ओर से हारने वालों में हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन और पूर्व सीएम मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा भी शामिल हैं।
हेमंत के सामने चेहरा न उतारना भाजपा को भारी पड़ा
भाजपा की हार के पीछे बड़ी वजह सीएम के लिए हेमंत के सामने किसी का नाम पहले से घोषित नहीं करना रहा। दरअसल 2014 में राज्य में जीतने के बाद पार्टी ने गैर-आदिवासी रघुवर दास को सीएम बनाया था। इससे आदिवासी समुदाय में नाराजगी थी। नक्शे पर प्रदर्शन को देखें, तो भाजपा व सहयोगियों ने बिहार से लगते इलाकों में ठीक प्रदर्शन किया, मगर मध्य झारखंड व बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से लगते इलाकों में झामुमो ने उसका सूपड़ा साफ कर दिया।
बढ़े वोटों का फायदा सत्ताधारी दलों को
दोनों ही राज्यों में इस बार पिछले विधानसभा चुनावों से ज्यादा वोट पड़े थे। यह सामान्य सोच है कि सत्तारूढ़ दलों को हटाने के लिए ज्यादा वोटर बाहर निकले लेकिन इन चुनावों ने इस धारणा को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और बढ़े वोट सत्तारूढ़ दलों को ही मजबूत कर गए।
महायुति गठबंधन को प्रचंड जनादेश ने भ्रम व झूठ के सहारे संविधान के नकली हितैषी बनने वालों की दुकान पर ताला लगा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विश्वास के सुंदर कालखंड का साक्षी बन रहा है। झारखंड में भाजपा को सर्वाधिक मत प्रतिशत का आशीर्वाद देने के लिए प्रदेशवासियों का आभार। - अमित शाह, गृह मंत्री
नतीजे अप्रत्याशित विश्लेषण करेंगे
विशाल जनादेश के लिए झारखंड के मतदाताओं का धन्यवाद। यह जीत संविधान के साथ जल-जंगल-जमीन की रक्षा की जीत है। महाराष्ट्र के नतीजे अप्रत्याशित हैं और इनका हम विस्तार से विश्लेषण करेंगे। - राहुल गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष
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