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Jharkhand: झारखंड में विपक्षी गठबंधन को हेमंत सोरेन का सहारा, सीएम प्रत्याशी न उतारना भाजपा को भारी पड़ा

Sun, 24 Nov 2024 04:36 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

 Jharkhand Assembly Election 2024 Result: झारखंड की जीत भी ऐतिहासिक इसलिए है कि पहली बार कोई गठबंधन लगातार दूसरी बार सत्ता में पहु्ंचा है। झामुमो गठबंधन को दो तिहाई बहुमत मिला। गठबंधन को पिछली बार की 48 सीटों के मुकाबले इस बार 56 सीटें मिली हैं।
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जीत के बाद परिवार के साथ हेमंत सोरेन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाला गठबंधन लगातार दूसरी बार सत्ता में लौट आया है। राज्य की जनता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारते हुए इंडिया गठबंधन को दो तिहाई से अधिक बहुमत से सत्ता सौंपी। पिछली बार की 48 सीटों के मुकाबले इस बार गठबंधन की सीटें 56 हो गईं। सोरेन ने गठबंधन के प्रदर्शन को लोकतंत्र की परीक्षा में उत्तीर्ण होने जैसा बताया। राज्य में पहली बार कोई गठबंधन लगातार दूसरी बार सत्ता में आया है।

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81 सदस्यीय विधानसभा में झामुमो ने अपने दम पर पिछली बार के 30 के मुकाबले इस बार 34 सीटें जीतीं। कांग्रेस ने पिछली बार जितनी ही 16 और राजद ने 4 सीटें जीती हैं। गठबंधन ने 4 सीटें माकपा को दी थी और उसने दो सीटें जीतीं। इस बार चुनाव जीतने को लेकर आश्वत भाजपा की सीटें पिछली बार की 25 से घटकर इस बार 21 पर सिमट गई। एनडीए को सम्मिलित रूप से 24 सीटें मिली हैं। भाजपा ने 68 सीटों पर चुनाव लड़ा था। एनडीए के अन्य दलों की बात करें, तो एक सीट पर लड़ी लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) जीतने में सफल रही। वहीं, जदयू को अपने कोटे की दो में एक सीट पर जीत मिली। पार्टी की ओर से पूर्व भाजपाई सरयू राय जमशेदपुर पश्चिम सीट पर जीते। सबसे बुरी गति हुई सुदेश महतो के नेतृत्व वाले ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन की, जिसे अपने कोटे की 10 में से सिर्फ एक सीट पर जीत मिली। सुदेश को खुद हार का सामना करना पड़ा।

झारखंड विधानसभा : कुल सीट 81  बहुमत : 41

56 सीटें इंडिया गठबंधन को
पार्टी सीटें
झामुमो 34
कांग्रेस 16
राजद 04
माकपा 02
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24 सीटें एनडीए को मिलीं
पार्टी सीटें
भाजपा 21
आजसु 1
लोजपा(रा) 1
जदयू 1

ऐसी जीत...झामुमो का स्ट्राइक रेट 79%
झामुमो ने 43 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इस तरह उसकी जीत का प्रतिशत करीब 79 रहा। राजद ने छह सीटों पर उम्मीदवार उतारा था और उसे 66.6 फीसदी सफलता मिली। कांग्रेस ने 30 सीटों पर लड़कर 53 फीसदी सफलता हासिल की।

पिछली बार के मुकाबले 14 हजार से अधिक वोट से जीते हेमंत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बरहेट सीट पर भाजपा के गमलियाल हेंब्रम को 39,791 वोटों से हराया। पिछली बार उन्होंने यह सीट 25,740 वोटों से जीती थी। यानी इस बार करीब 14 हजार ज्यादा मतों से जीते। हेमंत की पत्नी कल्पना सोरेन ने गांडेय सीट पर जीत दर्ज की।

झटका : चार मंत्रियों की हार, नेता प्रतिपक्ष भी चित

  • हेमंत सोरेन भले दोबारा सरकार बनाने जा रहे हों, पर उनके चार वरिष्ठ मंत्री चुनाव हार गए। कांग्रेस कोटे के बन्ना गुप्ता, झामुमो के मिथिलेश ठाकुर, बैद्यनाथ राम और बेबी देवी को हार मिली है। गुप्ता स्वास्थ्य मंत्री, ठाकुर जल संसाधन, राम शिक्षामंत्री व बेबी समाज कल्याण मंत्री थीं।

नेता प्रतिपक्ष भी चित

  • भाजपा के अमर कुमार बौरी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। उन्हें चंदन कियारी सीट पर करारी हार मिली। वह तीसरे स्थान पर पहुंच गए। झामुमो के उमाकांत रजक ने यहां जीत दर्ज की, जबकि झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के अर्जुन रजवार दूसरे नंबर पर रहे।

चंपई सोरेन जीते, सीता-गीता को मिली पराजय
भाजपा ने आदिवासी बहुल कोल्हान में पिछली बार एक भी सीट नहीं जीती थी। इस बार इस इलाके में पैठ बनाने के लिए पार्टी ने झामुमो के दिग्गज नेता व पूर्व सीएम चंपई सोरेन को तोड़ लिया। उनकी सिफारिश पर कोल्हन में कई प्रत्याशी उतारे। लेकिन चंपई के अलावा अन्य सभी हार गए। भाजपा की ओर से हारने वालों में हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन और पूर्व सीएम मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा भी शामिल हैं।

हेमंत के सामने चेहरा न उतारना भाजपा को भारी पड़ा
भाजपा की हार के पीछे बड़ी वजह सीएम के लिए हेमंत के सामने किसी का नाम पहले से घोषित नहीं करना रहा। दरअसल 2014 में राज्य में जीतने के बाद पार्टी ने गैर-आदिवासी रघुवर दास को सीएम बनाया था। इससे आदिवासी समुदाय में नाराजगी थी। नक्शे पर प्रदर्शन को देखें, तो भाजपा व सहयोगियों ने बिहार से लगते इलाकों में ठीक प्रदर्शन किया, मगर मध्य झारखंड व बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से लगते इलाकों में झामुमो ने उसका सूपड़ा साफ कर दिया।

बढ़े वोटों का फायदा सत्ताधारी दलों को
दोनों ही राज्यों में इस बार पिछले विधानसभा चुनावों से ज्यादा वोट पड़े थे। यह सामान्य सोच है कि सत्तारूढ़ दलों को हटाने के लिए ज्यादा वोटर बाहर निकले लेकिन इन चुनावों ने इस धारणा को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और बढ़े वोट सत्तारूढ़ दलों को ही मजबूत कर गए।

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संविधान के नकली हितैषी बनने वालों की दुकान पर ताला

महायुति गठबंधन को प्रचंड जनादेश ने भ्रम व झूठ के सहारे संविधान के नकली हितैषी बनने वालों की दुकान पर ताला लगा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विश्वास के सुंदर कालखंड का साक्षी बन रहा है। झारखंड में भाजपा को सर्वाधिक मत प्रतिशत का आशीर्वाद देने के लिए प्रदेशवासियों का आभार। - अमित शाह, गृह मंत्री

नतीजे अप्रत्याशित विश्लेषण करेंगे

विशाल जनादेश के लिए झारखंड के मतदाताओं का धन्यवाद। यह जीत संविधान के साथ जल-जंगल-जमीन की रक्षा की जीत है। महाराष्ट्र के नतीजे अप्रत्याशित हैं और इनका हम विस्तार से विश्लेषण करेंगे। - राहुल गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष


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