राज ठाकरे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन के बाद से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पदाधिकारी विरोध में उतर आए हैं, एक-एक कई पदाधिकारियों ने अपना इस्तीफा दे दिया है। यही नहीं उनमें से कई ने सोशल मीडिया पर अपने राज ठाकरे के इस फैसले के विरोध में पोस्ट भी की है।
मंगलवार को गुडी परवा रैली में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में भाजपा की महायुति गठबंध को समर्थन देने का बड़ा फैसला लिया था। महायुति गठबंधन में पहले से ही भाजपा, एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना और अजीत पवार की राकांपा भी शामिल है। राज ठाकरे की पार्टी के कई पदाधिकारी उसके इस फैसले के विरोध में खड़े हो गए, साथ ही अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया।
पार्टी के महासचिव कीर्ति कुमार शिंदे ने पद से इस्तीफा देने के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने कि लिखा कि आज से पांच साल पहले एमएनएस प्रमुख ठाकरे ने 2019 में पीएम मोदी और बीजेपी के खिलाफ स्टैंड दिया था। वे खुद भाजपा के कड़े आलोचक बन गए थे। राज ठाकरे ने मोदी की नीतियों का खुलकर विरोध भी किया था। वहीं आज पांच साल बाद राज साहब ने इस महत्वपूर्ण समय पर ऐसा निर्णय लिया। आजकल के नेता जब चाहे अपनी इच्छानुसार पार्टी बदल लेते हैं। लेकिन अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बारे में नहीं सोचते? उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक विश्लेषक ही बताएंगे कि यह फैसला कितना सही है और कितना गलत।
केंद्रीय गृहमंत्री से भेंट के बाद किया था यह फैसला
पिछले महीने पूर्व शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के भाई राज ठाकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद ही राज ठाकरे ने पार्टी का बिना शर्त समर्थन करने का फैसला किया था।
पांच चरणों में होगा मतदान
महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों पर पांच चरणों में मतदान होना है। 19 अप्रैल से 20 मई के बीच मई होगा। वोटों की गिनती 4 जून को होगी।