एग्जिट पोल क्या है?
एग्जिट पोल एक तरह का चुनावी सर्वे होता है। मतदान वाले दिन जब मतदाता वोट देकर पोलिंग बूथ से बाहर निकलता है तो वहां अलग-अलग सर्वे एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद होते हैं। वह मतदाता से मतदान को लेकर सवाल पूछते हैं। इसमें उनसे पूछा जाता है कि उन्होंने किसको वोट दिया है? इस तरह से हर विधानसभा या लोकसभा के अलग-अलग पोलिंग बूथ से मतदाताओं से सवाल पूछा जाता है। मतदान खत्म होने तक बड़ी संख्या में आंकड़े एकत्र हो जाते हैं। इन आंकड़ों को जुटाकर और उनके उत्तर के हिसाब से अंदाजा लगाया जाता है कि पब्लिक का मूड किस ओर है? गणितीय मॉडल के आधार पर ये निकाला जाता है कि कौन सी पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं? इसका प्रसारण मतदान खत्म होने के बाद ही किया जाता है।
एग्जिट पोल कौन जारी करता है?
सर्वे एजेंसी या न्यूज चैनल एग्जिट पोल कराते हैं। एग्जिट पोल मतदान के तुरंत बाद कराया जाता है, जिसमें केवल मतदाताओं को ही शामिल किया जाता है। एग्जिट पोल में वही लोग शामिल होते हैं, जो मतदान कर बाहर निकलते हैं। एग्जिट पोल निर्णायक दौर में होता है। इससे पता चलता है कि लोगों ने किस पार्टी पर भरोसा जताया है।
इस बार कब जारी होंगे एग्जिट पोल?
चुनाव आयोग ने 5 फरवरी की शाम 6.30 बजे तक किसी भी तरह के एग्जिट या ओपिनियन पोल पर प्रतिबंध लगा रखा है। इस अवधि के दौरान प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से एग्जिट पोल का संचालन, प्रकाशन, प्रचार करने या किसी अन्य तरीके से किसी भी एग्जिट पोल के परिणाम को प्रसारित करने पर प्रतिबंध है। यानी 5 फरवरी को शाम 6.30 बजे के बाद ही एग्जिट पोल जारी होंगे।
5 फरवरी को शाम 6.30 बजे के बाद तमाम सर्वे एजेंसियां एग्जिट पोल जारी करेंगी। Amar Ujala Mobile App और amarujala.com पर सभी एजेंसियों के एग्जिट पोल एक जगह मिलेंगे। जैसे ही अलग-अलग एजेंसियों के एग्जिट पोल आने शुरू होंगे उन सभी को उसी वक्त आप अमर उजाला पर देख सकेंगे।
दिल्ली में किस पार्टी कितनी सीटें मिल सकती हैं। लोग मौजूदा सरकार पर अपना भरोसा फिर जाताएंगे या सत्ता परिवर्तन हो सकता है? एग्जिट पोल के रुझान आखिर किस ओर इशारा कर रहे हैं? ये सब आपको Amar Ujala Mobile App और amarujala.com पर मिलेगा।