भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक बीजेपी के मुख्यालय पर हुई। आज हुई इस बैठक में सबसे पहले उत्तर प्रदेश की सभी शेष 25 लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा की गई है। पहले, दूसरे और तीसरे चरण के मतदान में आने वाली शेष सीटों के प्रत्याशियों के नाम की सूची कभी भी सामने आ सकती है। शनिवार की बैठक में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा सहित कुछ अन्य राज्यों के प्रत्याशियों पर चर्चा की गई है।
भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आज की बैठक में देश के सबसे महत्वपूर्ण चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश की शेष सीटों के उम्मीदवारों पर विचार किया गया है। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केशवप्रसाद मौर्य सहित सभी प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक में गाजियाबाद के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर चर्चा हुई है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, गाजियाबाद की सीट पर वीके सिंह की दावेदारी सबसे मजबूत रह सकती है। नोएडा में महेश शर्मा के रूप में ब्राह्मण प्रत्याशी देने और गाजियाबाद की ही एक विधानसभा से सुनील शर्मा को मंत्री बना देने से इस सीट पर राजपूत समाज का चेहरा देने पर चर्चा हुई और इसी कारण वीके सिंह की दावेदारी बरकरार रहा सकती है। दरअसल, इस सीट पर बीजेपी के महासचिव अरुण सिंह ने भी दावेदारी पेश की थी, लेकिन मजबूत चेहरे के आधार पर वीके सिंह अन्य दावेदारों पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय तो सूची के एलान के बाद ही पता चल सकेगा।
ओडिशा में नई रणनीति
भाजपा अब तक ओडिशा में नवीन पटनायक के साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी में थी, लेकिन पुरी लोकसभा सीट के साथ-साथ एक अन्य सीट पर पेंच फंसने के बाद दोनों दलों में अब तक समझौता नहीं हो पाया है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इस स्थिति को देखते हुए भाजपा नेतृत्व राज्य में नई रणनीति के साथ मैदान में उतर सकता है। इस मुद्दे पर भी पार्टी के प्रमुख नेताओं के बीच में चर्चा हुई है।
बिहार कोर कमेटी की बैठक में पार्टी के हिस्से में आई 17 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन राज्य में एनडीए सहयोगियों के बीच पैदा हुए नए समीकरणों में प्रत्याशियों के नामों पर नई रणनीति से विचार हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, शनिवार की बैठक में राज्य के उम्मीदवारों पर अंतिम निर्णय बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व ले सकता है। बिहार की सूची अगले एक से दो दिनों के बीच में जारी होने की संभावना है।
पार्टी पश्चिम बंगाल में इस बार अपने लिए ज्यादा संभावना देख रही है। पश्चिम बंगाल की सीटों पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।