वहीं महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई(एम), सीएमआई (एमएल) एल, आईआईपी, वीआईपी जैसे दल शामिल हैं। महागठबंधन ने पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव के बेटे और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को अपना सीएम और वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम घोषित किया था। जबकि एनडीए ने निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ही नेतृत्व में चुनाव लड़ने का फैसला किया था।
| महागठबंधन |
| राजनीतिक दल |
कितनी सीट पर लड़ा चुनाव? |
सफलता का दर (%) |
| राजद |
143 |
17 |
| कांग्रेस |
61 |
10 |
| भाकपा माले |
20 |
10 |
| वीआईपी |
12 |
0 |
| भाकपा |
9 |
0 |
| माकपा |
4 |
25 |
| इंडियन इंक्लूसिव पार्टी |
3 |
33 |
अन्य अहम राजनीतिक दलों का हाल
वहीं अन्य दलों की बात की जाए, तो जन सुराज पार्टी ने 237 सीटों पर चुनाव लड़ा था, हालांकि उसके हिस्से निराशा ही हाथ लगी है। वहीं मायावती नीत बहुजन समाज पार्टी ने 181 सीटों पर चुनाव लड़ा था और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने कुल 28 सीटों पर चुनाव लड़ा था।
| राजनीतिक दल |
कितनी सीटों पर लड़ा चुनाव? |
सफलता का दर (%) |
| जन सुराज पार्टी |
237 |
0 |
| बहुजन समाज पार्टी |
181 |
1 |
| एआईएमआईएम |
28 |
18 |
बिहार में दोनों चरणों में बंपर वोटिंग
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले और दूसरे चरण में रिकॉर्डतोड़ मतदान हुए। प्रदेश की जनता ने 73 वर्षों के तमाम आंकड़ों को धराशायी कर दिया और इस बार दोनों चरणों को मिलाकर कुल 66.90 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। पहले चरण में कुल 65.08 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जो आजादी के बाद सर्वाधिक रहा। वहीं दूसरे चरण में 68.69 फीसदी मतदान हुआ। राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया है कि दोनों चरणों को मिलाकर करीब 67.13 फीसदी मतदान हुआ है।
यह भी पढ़ें -
Bihar Assembly Election 2025: एग्जिट पोल कितने सही हुए साबित? इस एजेंसी ने बताया था सबसे सटीक आंकड़ा; पढ़ें
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के नतीजे?
2020 विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच था। इस चुनाव में एनडीए ने 125 सीटें जीतीं थीं। इनमें सबसे ज्यादा 74 सीटें भाजपा के खाते में गई थीं। जदयू को 43, वीआईपी और हम को 4-4 सीट पर सफलता मिली थी। राज्य की 110 सीटें महागठबंधन के खाते में गई थी। इसमें 75 सीटें जीतकर राजद राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। इसके साथ ही कांग्रेस को 19, वामदलों को 16 सीट पर जीत मिली थी। इनमें 12 सीटें माले और दो-दो सीटें भाकपा और माकपा के खाते में गईं थी। वहीं अन्य दलों में एआईएमआईएम ने पांच, बसपा, लोजपा और निर्दलीय ने एक-एक सीटें जीती थी।