उत्तर प्रदेश में पेपर लीक मामला
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में राजस्व लेखपाल की मुख्य परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इसमें अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर सॉल्वर बैठाने और परीक्षा के दौरान अनुचित तरीके अपनाने के आरोप में विभिन्न इलाकों से 21 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि उत्तर प्रदेश के कुल 501 परीक्षा केंद्रों पर राजस्व लेखपाल मुख्य परीक्षा आयोजित की गई थी
उत्तर प्रदेश में इससे पहले पेपर लीक के कई मामले सामने आ चुके हैं। इंटरमीडिएट में अंग्रेजी विषय का पेपर लीक हो गया था। वहीं इससे पहले उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ था। दोनों मामलों में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
राजस्थान में पेपर लीक मामला
राजस्थान वनरक्षक भर्ती परीक्षा की भी पेपर लीक हुआ था। 2300 पदों के लिए बीते 12 और 14 नवंबर को यह परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई थी। लेकिन 12 नवंबर के दूसरी पारी का पेपर लीक होने से पूरे प्रदेश भर में बवाल मचा था। यह पेपर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। पेपर वायरल होने के बाद राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने इस परीक्षा को तुरंत रद्द करने का फैसला लिया था। पेपर लीक मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
राजस्थान में कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा का एक पर्चा ‘लीक' होने के बाद उसे निरस्त कर दिया गया था। जानकारी के मुताबिक, राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के तहत 14 मई को दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान जयपुर के दिवाकर पब्लिक स्कूल के केंद्र अधीक्षक द्वारा प्रश्नपत्र को समय से पहले खोल लिया गया। इस कारण इस प्रश्नपत्र को ‘लीक' हुआ माना गया था।
बिहार में पेपर लीक मामला
बिहार में 08 मई रविवार के दिन बीपीएससी की 67वीं परीक्षा होनी थी। परीक्षा 12:00 बजे से शुरू होने वाली थी, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले खबर सामने आई कि बीपीएससी प्रश्न पत्र लीक हो गया है। पहले इसे अफवाह माना जा रहा था, लेकिन बीपीएससी अधिकारियों के पास प्रश्न पत्र पहुंचने पर सभी हैरान रह गए। उसके बाद आनन-फानन में एक अधिकारी को गर्दनीबाग के क्षेत्र परीक्षा केंद्र पर जांच के लिए भेजा गया, जहां पर प्रश्न पत्र की कॉपी को मैच करने पर मिला कि सी सेट में वही प्रश्न है जो कि लीक होने के बाद वायरल हो रहा है।
उत्तराखंड में पेपर लीक मामला
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने स्नातक स्तर के 916 पदों के विज्ञापन निकालकर पिछले साल चार और पांच दिसंबर को परीक्षा आयोजित की थी। तीन पालियों में आयोजित इस परीक्षा में तकरीबन 1 लाख 90 हजार अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था और 916 परीक्षार्थी सफल हुए थे। बाद में परीक्षा को लेकर पेपर लीक की शिकायतें सामने आने लगीं। कई प्रतियोगी छात्रों ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से मुलाकात कर परीक्षा में अनियमितताओं की जांच की मांग की। शिकायतकर्ताओं ने कुछ वॉट्सऐप स्क्रीनशॉट और कई अन्य सबूत भी सीएम के सामने रखे और मामले में तत्काल कार्रवाई करने की अपील की।
अरुणाचल प्रदेश में पेपर लीक मामला
अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) बोर्ड द्वारा हाल ही में आयोजित सहायक अभियंता परीक्षा के दो इच्छुक उम्मीदवारों द्वारा मुख्य परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप लगाने के बाद एक बार फिर विवादों में आ गया है। उम्मीदवारों ने 26 और 27 अगस्त को एपीपीएससी द्वारा आयोजित एई सिविल परीक्षा के पेपर लीक होने का आरोप लगाया और अदालत में एक याचिका के माध्यम से परिणाम की घोषणा पर रोक लगाने की मांग की। हाल ही में संपन्न हुई परीक्षा में सहायक अभियंता के 33 पदों के लिए 415 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
पश्चिम बंगाल में पेपर लीक मामला
पश्चिम बंगाल में शैक्षणिक वर्ष 2020-22 के डीएलएड पाठ्यक्रम की अंतिम साल परीक्षा के पहले दिन के प्रश्नपत्र लीक होने का आरोप लगाया गया। आरोप है कि परीक्षा से कुछ समय पहले प्रश्नपत्र लीक हो गया था। कथित तौर पर परीक्षा का प्रश्न पत्र 10:47 बजे व्हाट्सएप पर वायरल होने लगा। परीक्षा केंद्र में छात्रों को दिया गया प्रश्न पत्र और व्हाट्सएप पर प्रसारित किया गया प्रश्नपत्र दोनों एक ही होने का दावा किया गया था।
राजस्थान लोक लिए पहले से इनपुट मिला था, इसके बाद सुबह जालौर से उदयपुर आ रही राजस्थान लोक परिवहन की एक बस में कार्रवाई की गई।सेवा आयोग की तरफ से पेपर रद्द करने के साथ ही इस मामले में पुलिस और एसओजी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड सुरेश के साथ करीब 49 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सात लड़कियां भी बताई जा रही हैं।