पैरासाइट फिल्म का एक दृश्य
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पैरासाइट की कहानी दो परिवारों के बीच के रिश्तों की कहानी है जहां एक संपन्न परिवार दूसरे परिवार की सेवाओं पर निर्भर है। तो दूसरा परिवार अपना पेट भरने के लिए पहले परिवार की संपत्ति पर निर्भर है।
किम परिवार एक मकान के बेसमेंट में रहता है और इस परिवार को लगता है कि वो पार्क परिवार के लिए काम कर आराम की जिंदगी बसर कर सकते हैं। किम परिवार के मुखिया हैं की-ताएक और उनका परिवार छोटे मोटे काम कर गुजर बसर करता है। परिवार के बेटे की-वू का मित्र एक दिन उसे बताता है कि वो एक धनी परिवार (पार्क परिवार) की बेटी को ट्यूशन देता था लेकिन उसे आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाना है।
वो कहता है कि वो चाहता है की-वू उसे ट्यूशन देना शुरु करे। मुश्किल से जीवन गुजारने वाला की-वू कॉलेज तक पास नहीं कर सका, लेकिन वो इसके लिए तैयार हो जाता है और फर्जी डिग्री तक बनवा लेता है।
पार्क परिवार से मुलाकात के बाद की-वू को पता चल जाता है कि उसे अच्छी जिंदगी के लिए इस परिवार से जुड़े रहना होगा। जब पार्क परिवार को अपने बेटे के लिए एक आर्ट टीचर की जरूरत होती है, तो वो इसके लिए अपनी बहन का नाम सुझाता है। अपनी बहन के लिए भी वो फर्जी डिग्री बनवाता है।
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आराम की जिंदगी बसर करने के लिए ये दोनों मिल कर किसी न किसी तरह पार्क परिवार के सभी नौकरों की छुट्टी करवाते हैं और अपने परिवार के सदस्यों को वहां काम दिलवाते हैं।
पार्क परिवार के लिए सालों से काम कर रही मून क्वांग नौकरी से निकाले जाने के बाद एक दिन अचानक अपना सामान लेने लौटती है। उसने अपने पति कोमकान को बेसमेंट में सालों से छिपा कर रखा था। ये बात किम परिवार के सदस्यों को पता चलती है।
लेकिन इस दौरान मून क्वांग को पता चलता है कि पार्क परिवार में अलग-अलग नाम से काम करने आए सभी लोग किम परिवार के सदस्य हैं। वो उन्हें ब्लैकमेल करती है और कहती है कि वो उन्हें वहीं बेसमेंट में रहने दें।
आगे की कहानी खुद को जिंदा रखने की कोशिश में अपने झूठ को बनाए रखने और परिवार के सदस्यों की जान बचाने की है, जिसमें पूरा किम परिवार बिखर जाता है।
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