पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सूबे की सरकार ने मंगलवार यानी कल से सभी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है। आपको बता दें कि सरकारी स्कूलों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश 7 मई से शुरू होने वाला था। जबकि दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी फरवरी के मध्य से ही स्कूलों में कक्षाएं ले रहे थे। अब कोरोना वायरस के मामलों में इजाफे के बाद 20 अप्रैल से सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने का फैसला हुआ है। सूबे में पिछले 24 घंटे में करीब 8400 नए केस सामने आए हैं।
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बताया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर सरकार बोर्ड परीक्षाओं के तारीखों को भी आगे बढ़ा सकती है। सूबे में दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा 1 जून और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा 15 जून से शुरू होने वाली है। सूबे में इस साल 12 फरवरी से स्कूलों को पूरे ग्यारह महीने के बाद फिर से खोला गया था। जैसे ही सीबीएसई ने दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को स्थगित किया था, राज्य बोर्ड का कहना था कि कोरोना वायरस को देखते हुए सूबे की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। बोर्ड का साफ कहना था कि छात्रों के स्वास्थ्य ही उनकी पहली प्राथमिकता है।
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हालांकि,अभी तक बोर्ड परीक्षाओं को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। गौरतलब है कि देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों में स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थान फिर से बंद कर दिए गए हैं और परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है।