MPhil Programmes 2023-24: पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने कहा है कि राज्य सरकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा विश्वविद्यालयों को 2023-24 शैक्षणिक वर्ष के लिए एमफिल कार्यक्रमों में प्रवेश रोकने के फैसले का पालन नहीं करेगी।
यूजीसी सचिव मनीष जोशी ने कहा कि यूजीसी के संज्ञान में आया है कि कुछ विश्वविद्यालय एमफिल (मास्टर ऑफ फिलॉसफी) कार्यक्रमों के लिए नए आवेदन आमंत्रित कर रहे हैं। इस संबंध में, यह ध्यान में लाना है कि एमफिल कोई मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है।
यह पूछे जाने पर कि क्या पश्चिम बंगाल भी यूजीसी के फैसले का पालन करेगा, बसु ने संवाददाताओं से कहा, ''हम यूजीसी के फैसले का पालन नहीं करेंगे। इस बात पर जोर देते हुए कि राज्य उच्च शिक्षा विभाग शिक्षाविदों की विशेषज्ञ समिति द्वारा पहले तैयार किए गए दिशानिर्देशों के अनुसार चलेगा। बसु ने कहा कि राज्य विश्वविद्यालयों में एमफिल पाठ्यक्रम चलते रहेंगे। बसु ने कहा कि राज्य विश्वविद्यालयों में एमफिल पाठ्यक्रमों के संबंध में राज्य की अपनी नीतियां हैं और उनके साथ छेड़छाड़ करने का कोई कारण नहीं है।
क्या है एमफिल का मामला?
यूजीसी ने देश के विश्वविद्यालयों को एमफिल पाठ्यक्रमों की पेशकश के खिलाफ अपने हालिया पत्र में कहा है कि यह एक मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है और छात्रों को ऐसे कार्यक्रम में प्रवेश लेने के प्रति आगाह किया है। नवंबर 2022 में यूजीसी द्वारा एमफिल कार्यक्रम बंद कर दिया गया था। यूजीसी ने छात्रों को किसी भी एमफिल कोर्स में दाखिला न लेने की भी सलाह दी है।