सफर के दौरान अक्सर हम वाहनों में सफेद और पीले रंग की नंबर प्लेट देखते हैं। लेकिन कभी - कभार हमें कुछ अलग रंग की नंबर प्लेट वाले वाहन भी दिख जाते हैं। ऐसे वाहनों के पंजीयन और उनके उपयोगकर्ता एक खास वर्ग के लोग होते हैं। हमारे देश में सात रंग की नंबर प्लेट उपयोग हेतु अधिकृत हैं।
साथ ही नंबर सीरीज का भी अपना अलग महत्व होता है। यहां हम आपको सभी सात रंग की खासियत और उनका उपयोग कौन - कौन कर सकते हैं के बारे में बता रहे हैं। तो आइए जानते हैं कि क्या - क्या हैं नंबर प्लेट के रंग और उनका उपयोग, साथ ही नंबर प्लेट के शुरुआती अक्षरों का मतलब।
सफेद रंग : आमतौर पर वाहनों में सफेद बैकग्राउंड कलर वाली नंबर प्लेट ही लगाई जाती है। सफेद रंग पर काले रंग में लिखे नंबर वाले सभी वाहन निजी उपयोग हेतु पंजीकृत रहते हैं। इनका उपयोग किसी व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं किया जा सकता है।
पीला रंग : ऑटो - टैक्सी या कैब और ट्रक - बस जैसे अन्य बड़े वाहन जो व्यावसायिक यानी कमर्शियल उपयोग में आते हैं, में पीले रंग की नंबर प्लेट लगी होती है। सफेद प्लेट की तरह ही इस पर भी नंबर काले रंग से लिखे होते हैं।
नंबर प्लेट के कोड और रंग
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
काला रंग : काले रंग वाले वाहन भी वाणिज्यिक यानी कमर्शियल उपयोग के लिए ही बने होते हैं। लेकिन इन्हें खास मौकों पर खास व्यक्तियों के लिए रेंटल कार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। देश के प्रमुख पांच सितारा होटलों में काले रंग की नंबर प्लेट वाली गाड़ियां देखने को मिलती हैं। इन पर पीले रंग में नबर लिखे होते हैं।
नीला रंग : नीले रंग के बैकग्राउंड सफेद रंग के नंबर लिखे वाहन का उपयोग राजनियक सेवा के अधिकारी करते हैं। देश में स्थित संयुक्त राष्ट्र, विदेशी दूतावास के अधिकारी, भारतीय विदेश सेवा विभाग के अधिकारी, जिन्हें हम राजदूत या एंबेसेडर भी कहते हैं, आदि करते हैं। दौरे पर आने वाले विदेशी प्रतिनिधि भी नीले रंग की प्लेट वाले वाहन का ही उपयोग करते हैं। इन वाहनों के नंबर की शुरुआत किसी राज्य के कोड से नहीं बल्कि जिस देश की गाड़ी है, वहां के कोड से होती है।
लाल रंग : देश में सुर्ख लाल रंग की नंबर प्लेट का इस्तेमाल राष्ट्रपति और विभिन्न राज्यों के राज्यपाल के आधिकारिक वाहन में होता है। इन वाहनों की लाल रंग की प्लेट पर गोल्डन यानी सुनहरे रंग में नंबर लिखे होते हैं। यह नंबर सामान्य वाहनों से भिन्न होता है। इन वाहनों में लाल रंग की नंबर प्लेट पर अशोक स्तंभ का चिह्न बना हुआ होता है। हालांकि, 2018 के पहले तक इन वीवीआईपी सरकारी वाहनों पर नंबर की जगह सिर्फ अशोक चिह्न बना हुआ होता था।
हरा रंग : केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग की संभावनाओं को देखते हुए हरे रंग की नंबर प्लेट अधिकृत कर दी है। इलेक्ट्रिक वाहनों की नंबर प्लेट का बैकग्राउंड हरे रंग का होगा। निजी उपयोग वाले वाहन में हरे रंग पर सफेद रंग में नंबर लिखे होंगे जबकि वाणिज्यिक यानी कमर्शियल उपयोग वाले वाहनों के लिए हरे रंग की प्लेट पर पीले रंग में रजिस्ट्रेशन नंबर लिखे जाते हैं।
तीर वाली नंबर प्लेट : ऐसी नंबर प्लेट सिर्फ सैन्य उपयोग के लिए अधिकृत है। भारतीय सेना के द्वारा तीर वाले वाहन नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी नंबर प्लेट वाले वाहन सिर्फ रक्षा मंत्रालय की ओर से आवंटित किए जाते हैं। सेना और सैन्य अधिकारियों के आधिकारिक वाहनों की नंबर प्लेट में नंबर के पहले या तीसरे अंक के स्थान पर ऊपरी ओर इशारा करते एक तीर का निशान होता है। इस तीन को ब्रॉड एरो कहते हैं। इस तीर के बाद के पहले दो अंक, वाहन के खरीदी वर्ष को दर्शाते हैं। इन वाहनों के पूरा नंबर 11 अंकों में रहता है।
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नंबर प्लेट पर लिखे सीरीज कोड
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