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यूपीएससी का फैसला: प्रारंभिक परीक्षा के तुरंत बाद जारी होगी उत्तर कुंजी, आपत्ति दर्ज करने का भी मिलेगा मौका

Sat, 04 Oct 2025 03:41 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

UPSC: यूपीएससी ने सुप्रीम कोर्ट को सिविल सेवा परीक्षा प्रक्रिया में बड़े बदलाव की जानकारी दी है। आयोग ने बताया है कि अब सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर कुंजी परीक्षा के तुरंत बाद जारी की जाएगी। इसके साथ ही उम्मीदवारों को ऑब्जेक्शन दर्ज करने का मौका भी दिया जाएगा।
 
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यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के तुरंत बाद जारी होगी उत्तर कुंजी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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UPSC Answer Key: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अपनी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि अब सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (CSE Prelims) की उत्तर कुंजी परीक्षा के तुरंत बाद जारी की जाएगी। यह जानकारी आयोग द्वारा दायर एक हलफनामे में दी गई, जो पारदर्शिता बढ़ाने की मांग वाली एक याचिका के जवाब में दाखिल किया गया था।

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अब तक क्या थी प्रक्रिया?

अब तक यूपीएससी की परंपरा रही है कि वह उत्तर कुंजी, अंक और कट-ऑफ केवल पूरी परीक्षा प्रक्रिया समाप्त होने और अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही प्रकाशित करता है। लेकिन इन नए फैसले के बाद उम्मीदवारों को परीक्षा के तुरंत बाद अपनी प्रतिक्रियाएं चेक करने का अवसर मिलेगा।

कोर्ट में यूपीएससी का पक्ष

आयोग ने दायर हलफनामे में कहा कि यह निर्णय सोच-समझकर और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है। यूपीएससी ने बताया कि प्रोविजनल आंसर की परीक्षा के बाद जारी की जाएगी और अभ्यर्थियों से आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी।
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हर आपत्ति के पक्ष में कम से कम तीन प्रमाण देने होंगे

हलफनामें में कहा गया है कि परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों से उत्तर कुंजी के संबंध में अभ्यावेदन या आपत्तियां मांगी जाएंगी। हर आपत्ति के साथ कम से कम तीन प्रामाणिक स्रोतों का हवाला देना अनिवार्य होगा। सभी आपत्तियों की समीक्षा विषय विशेषज्ञों की एक समिति करेगी, जो अंतिम उत्तर कुंजी को तैयार करेगी। इसके आधार पर परिणाम घोषित किए जाएंगे। 

हालांकि, आयोग यह तय करेगा कि प्रस्तुत स्रोत प्रामाणिक हैं या नहीं। हलफनामे में कहा गया है कि आयोग इन प्रक्रियाओं का पालन यथाशीघ्र शुरू करना चाहता है।

गौरतलब है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया लगभग एक वर्ष तक चलती है, ऐसे में जो उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते, उन्हें अपने अंकों, कट-ऑफ या मूल्यांकन के बारे में जानकारी नही मिल पाती थी। इससे उन्हें अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करने का अवसर नहीं मिल पाता। यूपीएससी के इस नए फैसले से लाखों अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।
 
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