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Calicut University: बीए मलयालम सिलेबस में वेदान, गौरी लक्ष्मी के गीत होंगे शामिल, विरोध के बीच बोर्ड का फैसला

Sat, 04 Oct 2025 03:40 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

BA Malayalam: कालीकट विश्वविद्यालय ने बीए तीसरे सेमेस्टर के मलयालम पाठ्यक्रम में वेदान और गौरी लक्ष्मी के गीत शामिल रखने का फैसला किया है।
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Calicut University - फोटो : https://uoc.ac.in/
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विस्तार
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Calicut University: कालीकट विश्वविद्यालय के अध्ययन बोर्ड ने बीए तीसरे सेमेस्टर के मलयालम पाठ्यक्रम में रैपर-गीतकार हीरादास मुरली (जिन्हें वेदान के नाम से जाना जाता है) और गायिका-संगीतकार गौरी लक्ष्मी के गीतों को शामिल रखने का निर्णय लिया है।

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डॉ. एमएस अजित की अध्यक्षता वाले मलयालम अध्ययन बोर्ड ने हाल ही में विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कहा गया कि गीतों को “छोड़ा नहीं जाना चाहिए” और उन्हें पढ़ाया जाना जारी रहना चाहिए।

गीतों को पाठ्यक्रम में जारी रखने का किया फैसला  

इससे पहले विरोध के बाद, विश्वविद्यालय ने मलयालम विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. एमएम बशीर को इन गीतों को शामिल करने की समीक्षा के लिए नियुक्त किया था। बशीर ने इन गीतों को बाहर करने की सिफारिश की थी। उनकी रिपोर्ट बोर्ड ऑफ स्टडीज को भेजी गई, जिसने इसे अस्वीकार कर दिया।

अजित ने पीटीआई को बताया कि बशीर की रिपोर्ट की कोई कानूनी वैधता नहीं है।

उन्होंने कहा, "हमने सोमवार को रजिस्ट्रार को रिपोर्ट लौटा दी। हमने इन गीतों को पाठ्यक्रम में जारी रखने का फैसला किया है।"
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गीतों का मूल्यांकन संदेश के आधार पर

उन्होंने कहा कि वेदन के रैप नंबर 'भूमि ज्ञान वाझुन्ना इदम' (वह धरती जहां मैं रहता हूं) को साहित्यिक योग्यता के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "इसका महत्व संदेश में है, न कि इसे कविता के रूप में आंकने में।"

बोर्ड ने बशीर की इस टिप्पणी को भी खारिज कर दिया कि गौरी लक्ष्मी के 'कथकली' गीत में भक्ति का अभाव है, तथा कहा कि चयन भक्ति विषय-वस्तु पर आधारित नहीं था, बल्कि उसमें निहित संदेश पर आधारित था।
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