राज्य सरकार की याचिका का जवाब देते हुए, यूपीएससी ने हाल ही में राज्य के मुख्य सचिव को लिखे एक पत्र में कहा कि नियमों के अनुसार, "जब राज्य में एक विधिवत गठित लोक सेवा आयोग काम कर रहा हो तो इसकी अनुमति नहीं है। आयोग द्वारा आयोजित सहायक अभियंता (सिविल) परीक्षा में सामने आए प्रश्न पत्र लीक घोटाले के मद्देनजर एपीपीएससी के अध्यक्ष निपो नबाम और एक को छोड़कर उसके सभी सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। पत्र में, यूपीएससी ने उल्लेख किया कि एपीपीएससी "अभी भी आयोग के एक सदस्य के साथ काम कर रहा है।
राज्य प्रशासनिक सुधार सचिव अजय चगती ने कहा कि चूंकि यूपीएससी ने परीक्षा आयोजित करने से इनकार कर दिया था, इसलिए एपीपीएससी के अध्यक्ष और तीन सदस्यों की नियुक्ति के लिए एक विज्ञापन जारी किया गया है। ऑल न्यिशी स्टूडेंट्स यूनियन (एएनएसयू) और पैन अरुणाचल संयुक्त संचालन समिति (पीएजेएससी) की मांग पर राज्य सरकार ने परीक्षा कराने के लिए यूपीएससी को पत्र लिखा था।
कथित पेपर लीक का मामला तब सामने आया जब एक उम्मीदवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पिछले साल 26 और 27 अगस्त को हुई परीक्षा में 400 से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे। अक्तूबर में राज्य सरकार ने केस सीबीआई को सौंप दिया था। मामले की जांच पहले राज्य पुलिस और उसके विशेष जांच सेल द्वारा की गई थी।
चगती ने कहा कि कथित तौर पर कदाचार में शामिल 41 कर्मचारियों में से 19 की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और 22 कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। एपीपीएससी में सुधारों पर, सचिव ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए उपाय) अधिनियम को तैयार करने के लिए एक मसौदा विधेयक इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर लोगों से टिप्पणियां और सुझाव आमंत्रित करते हुए अपलोड किया गया है।